पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सबसे आगे के मोर्चे पर है: चीन

बीजिंग

भारत और अमेरिका की बढ़ती नजदीकी चीन को फूटी आंख नहीं सुहा रही है. इसी का नतीजा है कि भारत और अफगानिस्तान में आतंकी हमलों को अंजाम देने वाले आतंकियों के पाकिस्तान में खुलेआम घूमने और रैलियां करने के बावजूद चीन ने आतंकवाद से लड़ाई में पाकिस्तान के योगदान की सराहना की है.

चीन ने बुधवार को अपने मित्र देश का बचाव करते हुए कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद से लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी संयुक्त बयान में पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में सीमा पार आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाने को कहा गया है. साथ ही दुनिया के दो बड़े लोकतंत्रों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में आपसी सहयोग और मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्धता जताई है.

इस बाबत पूछे गए सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने पाकिस्तान का बचाव किया. उन्होंने कहा, ‘चीन का मानना है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बढ़ाना चाहिए. इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के प्रयासों को मान्यता देते हुए उसका समर्थन करना चाहिए. पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर है और उसे खत्म करने का प्रयास कर रहा है.’

मोदी और ट्रंप के बीच दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने की घोषणा पर चीन ने सधी प्रतिक्रिया दी. बकौल कांग, इस तरह के द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व को बनाए रखने में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाएंगे. ट्रंप द्वारा अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की सराहना करने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन का हमेशा से मानना रहा है कि शांति प्रक्रिया के प्रयास स्थानीय नेतृत्व में ही होने चाहिए.

आतंक के खिलाफ सहयोग प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच मुलाकात से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी घोषित कर पाकिस्तान को स्पष्ट संकेत दे दिया था. अमेरिका ने पाकिस्तान को अपनी जमीन का आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न करने की भी चेतावनी दी है. साथ ही दोनों देशों ने अलकायदा, इस्लामिक स्टेट, हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मुहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा, डी कंपनी और उनके सहयोगी आतंकी संगठनों से निपटने की दिशा में सहयोग और बढ़ाने की भी घोषणा की है.

वहीं, भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रिश्ते से पाकिस्तान में खलबली मच गई है. आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका द्वारा स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देने से इस्लामाबाद की बौखलाहट सामने आने लगी है. पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री चौधरी निसार ने अमेरिका पर भारत की भाषा बोलने का आरोप लगाया है. स्थानीय संगठन आजाद जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष सरदार खान ने मोदी-ट्रंप गठजोड़ को क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया है.

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