GST लागू होने के बाद समस्याओं के समाधान के लिए ‘वॉर रूम’ बनाया गया

दिल्ली

देश में एक जुलाई से आजादी के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार यानी जीएसटी लागू होना है. ऐसे में सरकार की ओर से इसे लागू करने के लिए पुख्ता तैयारियां की गई हैं. वित्त मंत्रालय में कई टेलीफोन और कम्प्यूटर सिस्टम से लैस एक मिली वॉर रूप बनाया गया है, जिसमें GST लागू होने के बाद आने वाली दिक्कतों से निपटने की तैयारी की जाएगी.

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBEC) के प्रमुख वनाजा एस शर्मा ने बताया कि यह वॉर रूम केंद्रीय और राज्य स्तर के अधिकारियों की शंकाओं को दूर करेगा. जीएसटी के क्रियान्वयन में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए वॉर रूम से सीधे संपर्क साधा जा सकता है, ताकि उसका हल निकाला जा सके. साथ ही वॉर रूम के जरिए अधिकारियों के जीएसटी पर फीडबैक भी लिया जाएगा.

वनाजा एस शर्मा के मुताबिक यह वॉर रूम सुबह 8 से रात 10 बजे तक चालू रहेगा. जिसमें तकनीकि तौर पर कुशल युवा अफसरों की एक पूरी दिन मिलकर काम करेगी. इसमें जीएसटी से जुड़ी तमाम शंकाओं और समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाएगी.

अमेरिका दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमेरिकी बिजनेस स्कूल भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के क्रियान्वयन का अध्ययन कर सकते हैं. एक जुलाई से जीएसटी के क्रियान्वयन से पहले उन्होंने यह सुझाव दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पहली बैठक से पहले अमेरिका की शीर्ष 20 कंपनियों के प्रमुखों के साथ उन्होंने रविवार को बातचीत की थी.

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