पाक ने की चीनी कर्मियों की सुरक्षा के लिए 15,000 जवानों की तैनाती

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने आज कहा है कि देश में उर्जा और अवसंरचना परियोजनाओं पर काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा में 15,000 जवानों को तैनात किया गया है. एक चीनी दंपति के अपहरण के बाद उठी सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बाद हुसैन ने यह बात कही है.

राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने दौरे पर आये चीनी विदेश मंत्री वांग यी से कहा है कि पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. हुसैन ने कहा कि अधिकारी अपहरण करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं.

पाकिस्तान ने चीन के नागरिकों के लिए वीजा नियमों को सख्त बनाने का फैसला किया है. यह फैसला वीजा मानकों का उल्लंघन कर पाकिस्तान आए कथित तौर पर ईसाई धर्म का गुपचुप प्रचार करने वाले चीनी दंपति के क्वेटा में अपहरण और हत्या के बाद लिया गया है. जानकारी के मुताबिक यह फैसला इस्लामाबाद में गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लिया गया है.

अब बीजिंग में पाकिस्तानी दूतावास को वीजा के लिए उपलब्‍ध किए गए दस्तावेजों की कड़ी जांच होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पाकिस्तान आने वाले चीनी नागरिकों द्वारा वीजा नियमों का उल्लंघन न हो सके. इसके अलावा चीनी नागरिकों के आगमन पर बिजनेस वीजा और वीजा केवल देश के मान्यता प्राप्त चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा प्रमाणित और स्वीकृत असाइनमेंट लेटर के बाद ही प्रदान किए जाएंगे.

आपको बता दें कि कि पाकिस्तान में पिछले महीने दो चीनी नागरिकों की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी. दोनों ही चीनी नागरिकों की पहचान धार्मिक उपदेशक के रूप में हुई. ये दोनों ही वीजा मानकों का उल्लंघन करके पाकिस्तान गए थे. पहले कहा जा रहा था कि वे पेशे से शिक्षक हैं, लेकिन बाद में उनकी पहचान धार्मिक उपदेशक के रूप में हुई. ये दोनों एक कोरियाई नागरिक से उर्दू सीखने का दिखावा कर रहे थे. दोनों का बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा से 24 मई को अपहरण कर लिया गया था.

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