GST: ओला और ऊबर का लीज रेंटल 30% महंगा होगा!

ऐप के जरिए कैब सर्विसेज देने वाली ऊबर और ओला जैसी कंपनियों की लीज्ड कारों का रेंटल GST)लागू होने से 25-30 पर्सेंट बढ़ सकता है। इन दोनों कंपनियों के पास करीब 30,000 लीज्ड कारें हैं। कॉर्पोरेट एग्जिक्युटिव्स के लिए भी कार लीज पर खर्च बढ़ सकता है। इस वजह से बहुत से एग्जिक्युटिव्स अपनी मौजूदा कार लीज को समय से पहले समाप्त करवाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार इस मुद्दे को जल्द ही GST काउंसिल के सामने उठा सकती है।

पुराने टैक्स सिस्टम से GST में बदलाव से टैक्सेशन पर पड़ने वाले असर से जुड़े नियमों में गुड्स को राहत दी गई है, लेकिन ऐसा लगता है इसमें लीज पर ध्यान नहीं दिया गया है। वीइकल्स लीज पर देने वाली कंपनियों के एक संगठन ने सरकार से मौजूदा लीज पर सेंट्रल GST से छूट मांगी है क्योंकि वीइकल्स पर पहले ही सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी चुकाई जा चुकी है। इस संगठन के सदस्यों में ऊबर, ओला, लीजप्लान, ट्रांजलीज, ओरिक्स, मैग्मा, टाटा कैपिटल, सुंदरम फाइनैंस शामिल हैं। इसके अलावा ट्रैक्टर्स मैन्युफैक्चरर्स असोसिएशन ने भी सरकार से ऐसी ही गुहार लगाई है।

GST लागू होने के बाद यह रेंट बढ़कर 35,750 रुपये हो जाएगा। नए सिस्टम में लीज रेंट पर 28 पर्सेंट GST और 15 पर्सेंट सेस लगेगा। ओला फ्लीट टेक्नॉलजीज के CEO शलभ सेठ ने बताया, ‘हमारी कंपनी उन हजारों ड्राइवर-पार्टनर्स के लिए एक लीजिंग स्कीम चलाती है जो खुद कार नहीं खरीद सकते। GST लागू होने के बाद इनकी आमदनी पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्हें लीज की बाकी अवधि के लिए 1 लाख रुपये से अधिक चुकान होंगे।

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