अक्टूबर से दिल्ली को मिलेगी पहली ड्राइवरलेस मेट्रो, जानिए इसकी खास बातें

दिल्ली को तीन महीने बाद यानी अक्टूबर से पहली चालक रहित मेट्रो मिल जाएगी. ये ट्रेन मैजेंटा लाइन पर चलेगी, जो जनकपुरी वेस्ट से कालिंदी कुंज तक है. यह लाइन 38 किलोमीटर लंबी है और इसे नोएडा के बोटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा.

गौरतलब है कि इस मेट्रो की तय समयसीमा जून तक थी, लेकिन इसे बढ़ाकर सितंबर कर दिया गया. लेकिन अब डीएमआरसी के मुताबिक, इस साल अक्टूबर तक ये लाइन पूरी हो जाएगी.

डीएमआरसी प्रवक्ता के मुताबिक फेस 3 पर कालकाजी और बोटेनिकल गार्डन, जनकपुरी वेस्ट से टर्मिनल 1 -आईजीआई पर ट्रायल रन जारी है. प्रवक्ता के मुताबिक, इन लाइनों के खुलने का तय वक्त अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 के बीच है. मार्च 2018 तक डीएमआरसी फेस3 तक नेटवर्क बढ़ाने पर विचार कर रहा है, जिसमें सिर्फ मैजेंटा ही नहीं, पिंक लाइन (मजलिस पार्क-शिव विहार) को भी शामिल किया जाएगा. डीएमआरसी प्रवक्ता के मुताबिक, ‘दोनों सेक्शंस को सुरक्षा पड़ताल के लिहाज से सीएमआरएस को सौंपा जाएगा. जनता के लिए ये रूट सभी क्लेयरंसेज के बाद से शुरू हो जाएंगे.’

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने पिछले हफ्ते 59 कि. मी. लंबे पिंक लाइन पर ट्रायल किया था. पिंक लाइन के अंतर्गत शकूरपुर और मायापुरी के बीच 6.5 कि.मी. के एलिवेटेड सेक्शन पर ट्रायल रन की शुरूआत कर दी गई. मैजेंटा और पिंक लाइन्स पर चलने वाली पहली ड्राइवरलेस ट्रेन में ऑटोमेशन का स्तर काफी हाई होगा.

शुरुआत में ट्रेन ऑपरेटर्स की मदद से इन्हें चलाया जाएगा. धीरे-धीरे इन्हें ऑटो मोड में शिफ्ट किया जाएगा. डीएमआरसी के प्रवक्ता के मुताबिक ट्रायल के दौरान मेट्रो ट्रेन का इंटरफेस चेक किया गया ताकि कोई फिजीकल डैमेज न हो. इसके अलावा दूसरे सबसिस्टम की भी टेस्टिंग की गई. फिलहाल लोगों को गुड़गांव और नोएडा के लिए राजीव चौक उतरना पड़ता है.

वहीं, गुड़गांव व फरीदाबाद के बीच पहुंचने के लिए सेंट्रल सेक्रटेरियट उतरना पड़ता है. मैजेंटा लाइन से वेस्ट दिल्ली से नोएडा की दूरी कम की जाएगी व साउथ दिल्ली के कई इलाके इससे कनेक्टेड रहेंगे.

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