अरब देशों ने कतर से विवाद खत्म करने के लिए भेजी 13 मांगों की लिस्ट

दुबई

आतंकवाद का कथित तौर पर समर्थन करने को लेकर कतर का बहिष्कार कर रहे चार अरब देशों ने उसे 13 सूत्री मांगों की एक सूची सौंपी है. अरब देशों ने कतर से टेलीविजन चैनल अल-जजीरा को बंद करने और अपने क्षेत्रीय विरोधी ईरान से संबंधों को कम करने समेत कुल 13 सूत्री मांगों की एक सूची सौंपी है. अरब देशों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी.

अरब देशों की ओर से कतर से की गई इन मांगों का उद्देश्य पिछले कई वर्षों के दौरान खाड़ी देशों में उपजे सबसे बड़े संकट का समाधान करना है. कतर के सामने रखी गईं प्रमुख मांगें-

– कतर मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ सभी तरह के संबंध तोड़ें जो कि अरब देशों में प्रतिबंधित है.

– मुआवजे के रूप में एक मात्रा में धनराशि दे.

– अल-जजीरा, अरबी21 और मिडिल ईस्ट आई न्यूज चैनलों को आर्थिक मदद देना बंद करे.

– गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सभी अन्य तरीकों के साथ कतर खुद को जोड़े.

– सऊदी अरब और अन्य देशों में विपक्षी पार्टियों को दी गई आर्थिक मदद से जुड़ी विस्तृत जानकारी दे.

– अमरीकी प्रशासन के बताए चरमपंथी संगठनों को आर्थिक मदद देना बंद करे.

कतर की ओर से ईरान से संबंधों को मजबूत करने के अलावा विद्रोही संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड को समर्थन करने से उसके कुछ पड़ोसी देशों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है.

गौरतलब है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मिस्र और बहरीन ने 5 जून को कतर से आर्थिक, राजनयिक और यात्रा संबंधी रिश्ते खत्म कर लिए थे. उधर कतर ने चरमपंथ और क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने के आरोपों का खंडन किया है. क़तर की ओर से इन मांगों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन कतर के विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी पहले ही कह चुके हैं कि कतर प्रतिबंधों के हटाए जाने तक बातचीत नहीं करेगा.

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