मणिमहेश जा रहे यात्रियों को हेली-टैक्सी समेत ये सुविधाएं दी जाएंगी, जानिए

उत्तर भारत की प्रसिद्ध एवं पवित्र मणिमहेश यात्रा इस बार भी धार्मिक परंपरा के अनुरूप जन्माष्टमी के अवसर पर 15 अगस्त से शुरू होगी। यात्रा का समापन राधा अष्टमी के पवित्र स्नान के साथ होगा।

यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए बचत भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए समुचित सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।

संवेदनशील और महत्वपूर्ण जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यात्रा के लिए की गई व्यवस्थाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए परिवहन की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए पथ परिवहन निगम विशेष बसें चलाएगा। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि हड़सर से मणिमहेश के लिए पैदल चलने वाले यात्रियों और खच्चरों के लिए अलग-अलग ट्रैक रहेंगे। वन मंत्री ने स्थानीय प्रशासन को भरमौर से भरमाणी और हड़सर से धनछो के लिए रोप वे तैयार करने के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए कहा।

यात्रा के लिए सेक्टर बांटे जाएंगे। नियंत्रण कक्ष और सूचना केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए 150 से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग चंबा, भरमौर और धनछो में स्वास्थ्य जांच के लिए स्क्रीनिंग केंद्र स्थापित करेगा। यात्रा में 20 एमबीबीएस डॉक्टर पैरामेडिकल स्टाफ के साथ ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।

मणिमहेश यात्रा में हेली टैक्सी की सुविधा रहेगी। वन मंत्री ने कहा कि हड़सर से लेकर मणिमहेश स्थित पवित्र झील पर कम्युनिकेशन की बेहतर व्यवस्था के तहत वॉकी-टॉकी भी शामिल किए जाएं। यात्रियों के लिए टैंटों की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस अवसर पर डीसी चंबा सुदेश मोख्टा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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