500-1000 के पुराने नोट 20 जुलाई तक RBI में जमा कर सकते हैं बैंक और डाकघर

दिल्ली

केंद्र सरकार ने वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों और डाक घरों को पुराने प्रतिबंधित नोटों को बदलने का एक और मौका दिया है. ये सभी वित्तीय संस्थान पुराने 500 व 1000 रुपये के नोटों को 20 जुलाई तक भारतीय रिजर्व बैंक में जमा करा सकेंगे.

लेकिन शर्त यह है कि सिर्फ 30 दिसंबर, 2016 तक बैंकों की शाखाओं में जमा पुराने नोट ही आरबीआइ में जमा हो सकेंगे. जिला सहकारी बैंकों के लिए यह शर्त सिर्फ 14 नवंबर, 2016 तक जमा राशियों के लिए है.

सरकार ने जब 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी लागू की थी तब जिला सहकारी बैंको के अलावा अन्य बैंकों को 31 दिसंबर, 2016 तक राशि जमा करने की छूट दी गई थी.

बहरहाल, वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी इस नई अधिसूचना ने बैंकों में वापस आये पुराने नोटों की कुल रकम को लेकर कयासों का बाजार और गरम हो गया है.

सरकार अभी तक नहीं बता सकी है कि नोटबंदी के बाद आरबीआइ के पास कितनी राशि वापस आई है. जबकि नोटबंदी के समय आरबीआइ की तरफ से बताया गया था कि बाजार में 500 व 1000 रुपये के 15.40 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट प्रचलित थे.

आरबीआइ ने दिसंबर, 2016 के पहले हफ्ते तक वापस आये नोटों की जानकारी दी. एक अनुमान के मुताबिक 13 दिसंबर, 2016 तक जनता ने बैंकों में 12.44 लाख करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा कराये थे.

अभी भी देश के बहुत सारे हिस्सों से पुराने नोटों का जखीरा पकड़ा जा रहा है. माना जाता है कि भारी मात्रा में पुराने नोट नेपाल व भूटान के बैंकों के पास भी पड़े हुए हैं.

बहरहाल, वित्त मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि बैंकों या डाक घरों को राशि जमा कराने के साथ यह भी वजह बतानी पड़ेगी कि अभी तक उन्होंने उक्त राशि को क्यों नहीं जमा कराया.

आरबीआइ अधिकारी के संतुष्ट होने पर ही उक्त राशि को जमा कराया जा सकेगा. इस कदम से देश के दर्जनों सहकारी बैंकों को कुछ हद तक राहत मिलेगी.

Share With:
Rate This Article