पूर्व ASI मदन लाल की हत्या की गुत्थी सुलझी, हत्या की वजह घरेलू कलह

होशियारपुर: सीआईएसएफ के पूर्व एएसआई मदन लाल की तीन दिन पहले हुई हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. हत्या की वजह घरेलू कलह बताया गया है.

पुलिस के अनुसार मृतक मदन अपनी पत्नी और बेटी को आए दिन पीटता था.  मां ने विदेश में रह रहे दोनों बेटों को इसकी जानकारी दी. दूसरे बेटे ने पिता की हत्या कराने के लिए डेढ़ लाख रुपए की सुपारी दी. पुलिस ने मृतक की पत्नी निर्मल कौर, बेटे दीपक और सुखदीप को पकड़ लिया है। हत्या में शामिल रशपाल सिंह अभी फरार है.

सोमवार को प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी एचएस भुल्लर ने बताया कि 15 जून की रात गांव लम्बेकाने के रहने वाले मदन लाल शाम चौरासी से पंडोरी फंगुड़ीया जा रहा था की रास्ते में उसका कत्ल हो गया था. पत्नी निर्मल कौर के बयान के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों पर मामला दर्ज हुआ था.

जांच के लिए पुलिस ने एक टीम गठित की, जिसने 72 घंटे के अंदर इस जटिल केस को सुलझाने में सफलता हासिल की. भुल्लर ने बताया कि मृतक मदन लाल रिटायर्ड था और अवसाद (डिप्रेशन) में रहता था. इसकी वजह से वह आए दिन पत्नी और जवान बेटी के साथ मारपीट करता और उनको घर से बाहर भी निकाला देता था.

रोज-रोज की मारपीट से तंग पत्नी निर्मल कौर ने विदेश में रह रहे दोनों बेटों दीपक उर्फ राजू व प्रिंसप्रीत सिंह को पूरी बात बताई और कहा कि अब यह कलह हमेशा के लिए खत्म करना चाहती है. 9 जून को दीपक विदेश से घर आया तो उसने अपने साथियों सुखदीप सिंह व रशपाल सिंह के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बनाई. इसके लिए दूसरे बेटे प्रिंसप्रीत सिंह ने डेढ़ लाख रुपए विदेश से भेजे.
योजना के अनुसार 15 जून रात को बेटे दीपक ने मदन लाल को फोन किया कि उसकी गाड़ी खराब हो गई है. मदन लाल बेटे दीपक द्वारा बताई गई जगह पर जब पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद सुखदीप सिंह, रशपाल सिंह और दीपक ने तलवारों से उसकी बेरहमी से हत्या कर लाश सड़क के किनारे फेंक दिया.
पुलिस को हत्या में शामिल एक और आरोपी रशपाल सिंह जिसपर थाना मेहटीआना में डबल मर्डर का मामला दर्ज है उसकी तलाश है. अन्य आरोपी प्रिंसप्रीत सिंह जो विदेश में है, वह भी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है.
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