जालंधर: पीने के पानी को तरसे पंजाब पुलिस के जवान और उनके परिवार

जालंधर थाना-2 परिसर में स्थापित क्वार्टरों में रहने वाले पुलिस जवानों के परिवारों के साथ-साथ थाना-2, सी.आई.ए. स्टाफ-1, 2 एंटीफ्रॉड स्टाफ से लेकर कई स्टाफ पीने के पानी को तरस रहे हैं, जिस कारण महिलाओं ने हताश होकर बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया। जानकारी के मुताबिक उक्त क्वार्टरों व बाकी स्टाफ में पानी सप्लाई करने हेतु क्वार्टरों में बने पार्क में एक पानी वाली मोटर विभाग द्वारा लगाई गई है। उक्त मोटर को बिजली सप्लाई का कनैक्शन पब्लिक हैल्थ विभाग के नाम से कई सालों से चल रहा है। बिजली विभाग के मुताबिक मोटर का बिल कई सालों से भरा नहीं गया जोकि करीब 35 लाख तक हो चुका है। बार-बार कहने पर भी बिल नहीं भरा गया, जिस कारण उन्हें कनैक्शन काटना पड़ा।

वहीं पुलिस जवानों व उनकी महिलाओं का कहना था कि वह हर माह क्वार्टर का 5 हजार का बिल अदा करने के साथ बिजली का बिल करीब 5 हजार तक देते हैं, जबकि बिजली विभाग को कई बार वह कह चुके हैं कि कनैक्शन पुलिस विभाग के नाम से अलाट हो, जिसके बाद वह खुद ही बिजली का बिल भरेंगे, क्योंकि पहले पार्क में पब्लिक हैल्थ विभाग का आफिस होता था और वह कई सालों से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो गया है। उक्त विभाग ने इस बारे में बिजली विभाग को सूचित नहीं किया और बिजली का बिल हैल्थ विभाग के अकाऊंट में पेंडिंग होने के कारण लाखों में पहुंच गया।

क्वार्टरों में पानी न आने के कारण नगर निगम से पानी का टैंकर मंगवाना पड़ा। नन्हे बच्चों को बालटियां लेकर पानी भरना पड़ा और कुछ महिलाओं को तो तीसरी मंजिल तक पानी की बालटियां उठाकर ले जाना पड़ा। महिलाओं का गुस्सा तो इस कदर भड़क रहा था कि उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि यदि पानी की समस्या दूर नहीं की गई तो वह सड़क जाम करने से गुरेज नहीं करेंगी।

वहीं क्वार्टरों में रहने वाले कुछ पुलिसकर्मियों ने बताया कि जिस पानी वाली मोटर से क्वार्टरों व बाकी स्टाफों में पानी की सप्लाई होती है, वह कुछ माह पहले खराब हो गई थी। विभाग द्वारा उसे ठीक नहीं करवाया गया तो उन्होंने प्रति क्वार्टर से 500 रुपए लेकर कुल 37 हजार जोड़ कर स्वयं नई मोटर लगवाई, इसके बाद पानी की सप्लाई सुचारू हो सकी।

 

 

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