सिक्कम जाकर जैविक खेती के गुर सीखेंगे हरियाणा के किसान

हरियाणा के किसान अब सिक्किम में जैविक खेती के गुर सीखेंगे। किसानों के विभिन्न समूहों को सिक्किम भेजा जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद हरियाणा में जैविक खेती को बढ़ावा देना है।

सिक्किम, नागालैंड व मेघालय में अधिकांश किसान जैविक खेती करते हैं। वहां के किसानों ने काफी समय पहले से ही पेस्टीसाइड व फर्टिलाइज युक्त खेती (रासायनिक खेती) से तौबा कर ली है। इतना ही नहीं, वहां की सरकारें भी किसानों की रासायनिक फसलों की खरीद नहीं करती। खरीद बंद होने की वजह से किसानों ने रासायनिक खेती करना ही छोड़ दिया है।

अब हरियाणा बागवानी विभाग चाहता है कि हरियाणा के प्रगतिशील किसान भी सिक्किम, मेघालय व नागालैंड के किसानों से प्रेरणा लेकर प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा दें। इसलिए हरियाणा स्टेट हार्टीकल्चर डेवलपमेंट एजेंसी ने हरियाणा के किसानों का सिक्किम में प्रशिक्षित टूर की योजना बनाई है।
मिशन डायरेक्टर डा. बीएस सहरावत ने बताया कि इस वक्त सरकार जैविक खेती की ओर बहुत ज्यादा फोकस कर रही है। इसलिए विभाग चाहता है कि हरियाणा में बागवानी भी जैविक हो। वहां किसानों को जैविक किस्मों, जैविक खेती करने के तौर-तरीकों से भी अवगत करवाया जाएगा और किसानों के खेतों में भी विजिट करवाया जाएगा। उनके अनुसार, वहीं किसानों की कार्यशालाएं भी आयोजित करवाई जाएगी और वहां से लौटने के बाद किसान हरियाणा में जैविक बागवानी शुरू करें, इसके लिए भी उन्हें पूरी मदद विभाग द्वारा की जाएगी।

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