ईको सिस्टम को बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम, पक्षियों को मारने पर लगा प्रतिबंध

हरियाणा में अब आप चिड़िया भी नहीं मार सकेंगे। वन विभाग ने ईको सिस्टम को बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कहा है कि अगर कोई पक्षियों को पकड़ते हुए पाया गया तो उसे तीन से सात साल की सजा भुगतना पड़ेगा।

इतना ही नहीं, पक्षियों को पकड़ कर मारने पर एक हजार से 25 हजार रुपए तक का जुर्माना भी भरना होगा। राज्य के वन विभाग ने ईको सिस्टम को बचाने के लिए यह कदम उठाया है।

हरियाणा में मनोहर सरकार अब गौ संरक्षण के साथ साथ पक्षियों को बचाने के लिए भी गंभीर हो गई है। जलवायु परिवर्तन के कारण चिड़िया और दूसरे पक्षियों की तादाद में लगातार कमी दर्ज की जा रही है, जबकि पक्षी हमारे पर्यावरण को बचाए रखने में बहुत उपयोगी माने गए हैं। ऐसे में चिड़िया या किसी भी अन्य पक्षी को मारने वाले को अब सजा भुगतनी होगी।

वन्य जीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलाटी ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर्स को निर्देश दे दिए हैं। मत्स्य पालन विभाग के पास इस समय करीब नौ हजार ठेकेदार रजिस्टर्ड हैं, जो तालाबों में मछली पालन करते हैं। इन ठेकेदारों को पक्षियों को न मारने की सख्त हिदायत दी गई है और साथ ही विभाग से इनके कांट्रेक्ट व समझौता पत्र में ऐसी शर्त जोड़ने पर जोर दिया गया है।

वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि कई तरह की चिड़िया और दूसरे पक्षी जो तालाबों के आसपास रहते हैं कीड़े-मकोड़े खा कर अपना पेट भरते हैं, लेकिन जहां तालाबों में मछलियां पाली जाती हैं वहां ठेकेदार जाल बिछा कर चिड़ियों और दूसरे पक्षियों को पकड़ कर मार डालते हैं। कई बार तो ठेकेदारों के जाल में फंस कर प्रवासी पक्षी भी मारे जाते हैं।

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