जाधव केस में वक्त देने की भारत की अपील इंटरनेशनल कोर्ट ने ठुकराई: पाकिस्तान

पाकिस्तान में भारत के पूर्व नेवी अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में इस मामले में सुनवाई चल रही है.

अब पाकिस्तान ने दावा किया है कि आईसीजे ने भारत की उस अपील को ठुकरा दिया है, जिसमें जाधव के केस की कार्यवाही को दिसंबर तक टालने की अपील की गई. बता दें कि 19 मई में आईसीजे ने पाक को आखिरी फैसले तक जाधव को फांसी न देने को कहा था.

पाक की मिलिट्री कोर्ट ने अप्रैल में कुलभूषण जाधव को जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी. भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था. इंडियन नेवी से रिटायरमेंट के बाद वे ईरान में बिजनेस कर रहे थे.
हालांकि, पाक का दावा है कि जाधव को बलूचिस्तान से 3 मार्च 2016 को अरेस्ट किया गया था. पाकिस्तान ने जाधव पर बलूचिस्तान में अशांति फैलाने और जासूसी का आरोप लगाया है. भारत ने जाधव की फांसी के खिलाफ नीदरलैंड के हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में 8 मई को आईसीजे में अपील की थी.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान ने कहा कि आईसीजे ने भारत को 13 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। वहीं, कोर्ट ने पाकिस्तान के लिए भी दिसंबर तक काउंटर प्ली फाइल करने की डेडलाइन तय की है.
पाक के एक अंग्रेजी अखबार ने ऑटार्नी जनरल अश्तर औसफ अली के हवाले से कहा कि आईसीजे ने लिखित लेटर में पाकिस्तान को उसके फैसले के बारे में बताया.
अली ने बताया कि भारत ने जाधव केस की सुनवाई दिंसबर तक टालने की अपील की थी. लेकिन कोर्ट ने उनकी रिक्वेस्ट को खारिज कर दी है.
भारत ने दलील दी थी कि यह एक शख्स के जीवन और मौत का मामला है. पाकिस्तान ने साफ किया कि आईसीजे अपील करने की कोर्ट नहीं है. पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, पाकिस्तान दिसंबर तक अपना जवाब कोर्ट में जमा कर देगा. कोर्ट जनवरी 2018 में केस की सुनवाई शुरू करेगा.
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