12वीं की गणित परीक्षा में पास-फेल के ‘खेल’ में शिक्षा बोर्ड ने बनाई जांच कमेटी

12वीं कक्षा के होनहारों को गणित की वार्षिक परीक्षा में पहले फेल और फिर नियमों को नजरअंदाज कर पास करने के मामले का बोर्ड ने कड़ा संज्ञान लिया है। खबर दिखाए जाने के बाद हरकत में आए बोर्ड ने सीनियर अधिकारियों की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है।

जांच कमेटी को 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच में देखा जाएगा कि गलती किस स्तर पर हुई है, और इसके लिए कौन-कौन अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार रहे हैं। हिप्र स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव शुभकरण सिंह ने कहा कि बोर्ड ने जांच कमेटी का गठन कर छानबीन के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि शिक्षा बोर्ड बारहवीं कक्षा के गणित विषय में जिन बच्चों को पहले फेल और फिर पास किया गया, उनके अंक पुनर्मूल्यांकन के लिए निर्धारित पैमाने पर खरा नहीं उतरते। बोर्ड नियमों के अनुसार पुनर्मूल्यांकन के लिए विद्यार्थी के न्यूनतम 20 अंक होना अनिवार्य है, लेकिन भोरंज उपमंडल के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दरब्यार के सभी छह बच्चों के अंक इस शर्त को पूरा नहीं करते थे।

जेईई मेन्स में टॉप करने वाले विद्यार्थी को गणित में अंक शून्य दिया गया। इसी तरह से अन्य विद्यार्थियों के भी 02, 10 और 14 ही नंबर थे। बोर्ड द्वारा फेल करने के बाद जब इन बच्चों ने आरटीआई के जरिए उत्तर पुस्तिकाओं की जानकारी जुटानी चाही तो बोर्ड ने उनके अंकों में भारी वृद्धि कर उन्हें फेल से पास कर दिया।

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