लाहौल-स्पीति जानें के लिए सोच रहे हैं तो, ये खबर जरूर पढ़ें

कल्लू प्रशासन और राज्य सरकार के हर मंगलवार को रोहतांग पास से गुजरने वाले टूरिस्ट्स की ऐंट्री पर रोक लगाने के बाद होटल मालिकों में नाराजगी है। सड़क के रखरखाव में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की मदद करने के लिए हर मंगलवार को रोहतांग पास पर टूरिस्ट वीइकल्स की ऐंट्री पर रोक रहेगी।

नाराज होटल मालिकों का कहना है, ‘अगर रोहतांग पास हर मंगलवार बंद रहेगा तो इसका मतलब है कि लाहौल-स्पीति, पंगी और रोहतांग से परे कई इलाकों में भी टूरिस्ट्स के आने-जाने पर रोक रहेगी। यह किसी तरह की तानाशाही है या फिर आदिवासी इलाकों से टूरिजम को खत्म करने का प्लान?’

लाहौल होटल असोसिएशन के प्रेजिडेंट बीर सिंह ने कहा, ‘लाहौल के होटल साल में सिर्फ 5 महीनों के लिए ही खुलते हैं और अब टूरिस्ट्स को लाहौल में न घुसने देना गंभीर मसला है। लाहौल हर साल अक्टूबर से लेकर मई तक बंद रहता है। रोहतांग भी कई सालों से हर मंगलवार को मनाली तक टूरिस्ट्स के लिए बंद रहता है। जो टूरिस्ट्स लाहौल-स्पीति, पंगी और लद्दाख आना चाहते हैं वे सुबह और शाम के समय रोहतांग से निकल सकते हैं। लेकिन अब इसपर भी रोक लगाना आदिवासियों को मारने के बराबर है।’

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