कितनी बार बनाई अवैध भवनों को नियमित करने की पॉलिसी: हाईकोर्ट

संशोधित टीसीपी एक्ट के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा कि इस संशोधन से पहले कितनी बार अवैध भवनों को नियमित करवाने के लिए पॉलिसियां बनाई गई हैं। हाईकोर्ट की डबल बैंच ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर अनुपूरक हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।
मामले के अनुसार इस वर्ष 24 जनवरी को प्रदेश सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (संशोधन) अधिनियम 2016 राजपत्र में प्रकाशित किया। इस कानून को 15 जून 2016 से लागू माना गया। इस कानून को 24 जनवरी 2018 तक प्रभावी भी बनाया गया।

इस अधिसूचना के तहत नियमितीकरण के लिए संबंधित लोगों को 60 दिनों का समय देते हुए आवेदन आमंत्रित किए गए। यह समय अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने से शुरू हुआ। प्रार्थी अभिमन्यु राठौर की ओर से दायर याचिका में सरकार पर आरोप

लगाया गया है कि इस तरह के कानूनों से अवैध निर्माणों को बढ़ावा दिया जाता है जिससे ईमानदार लोग खुद को असहज अनुभव करते हैं। प्रार्थी ने उक्त कानून के तहत आये नक्शों को नियमित करने के लिए आवेदनों को कोर्ट में मंगवाने की गुहार भी लगाई है।

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