भारतीय मूल के पूर्व अधिकारी ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ खोला मोर्चा, लगाए गंभीर आरोप

अमेरिका के पूर्व अटॉर्नी प्रीत भरारा ने डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ मुकदमे के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. उन पर न्याय में अवरोध का मामला दर्ज किया जा सकता है.
भरारा ने कहा, “वे कई बार बेवजह फोन करते थे। जब मैं जेम्स कोमी को हटाने की कहानी पढ़ता हूं तो लगता है ये सब तो मेरे साथ भी किया जा चुका है।”
भरारा ने कहा कि राष्ट्रपति को फोन न करने का उनका फैसला सबके हित में था। दरअसल, उन्हें बर्खास्त किए जाने से ठीक दो दिन पहले ट्रंप के दफ्तर से फोन आया था और उनसे अमेरिकी राष्ट्रपति को फोन कर बात करने को कहा गया था, लेकिन भरारा ने दोबारा कभी फोन नहीं किया. 48 वर्षीय भरारा ने कहा, ‘फोन न करके मैंने सबके हित में काम किया था’

मैनहटन के पूर्व अभियोजक ने पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ डीन ट्रेवर मॉरीसन से यह बात कही. यह पूछे जाने पर कि उन्होंने फोन क्यों नहीं किया, इस पर भरारा ने कहा कि व्हाइट हाउस और न्याय विभाग के बीच संपर्क को लेकर अलग नियम हैं.

बता दें कि मार्च में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने हाईप्रोफाइल पूर्व फेडरल प्रॉसिक्यूटर अटॉर्नी प्रीत भरारा समेत 46 अटॉर्नियों से इस्तीफे मांगे थे. रूस मामले की जांच कर रहे FBI चीफ जेम्स कोमी को भी हटाया जा चुका है.

गौरतलब हो कि भरारा को ट्रंप प्रशासन में बिना कोई स्पष्ट कारण दिए निकाल दिया गया था. भारत में जन्मे अमेरिकी नागरिक भरारा न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में पूर्व यूएस अटॉर्नी थे. साल 2009 में उन्हें अटॉर्नी नियुक्त किया गया था.

Share With:
Rate This Article
No Comments

Leave A Comment