टाटा मोटर्स में अब कोई नहीं होगा बॉस, एक नए सिस्टम की हुई शुरुआत

दिल्ली

शुक्रवार को एक अभूतपूर्व फैसले में देश की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स ने अपने सभी कर्मचारियों के पदनाम को समाप्त करने का ऐलान किया है. इसका साफ मतलब है कि टाटा मोटर्स में अब कोई ‘बॉस’ नहीं होगा.

टाटा मोटर्स में उपर के कुछ गिने चुने अधिकारियों को छोड़ बाकी 10000 पदनाम खत्म करने का फैसला किया गया है. यह निर्णय कंपनी में सीनियोरिटी से मुक्त कामकाजी माहौल बनाने के लिए किया गया है. बुधवार को जारी एक सर्कुलर के जरिए टाटा मोटर्स ने अपने कर्मचारियों को यह जानकारी दी है.

इस पहल के तहत कर्मचारियों की अपनी अपनी टीम को लीड करने वाले एल-1 से एल-5 कैटेगरी के बीच के सभी मैनेजर्स को ‘प्रमुख’ यानी ‘टीम हेड’ के साथ उनके विभाग के नाम से संबोधित किया जाएगा. इसी तरह सामने की तरफ काम करने वाले कर्मचारी जिन्हें कोई भी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपता है, उनको भी व्यक्तिगत सहयोगी (आईसी-4 से आईसी-6) के तौर पर ही जाना जाएगा. बस वह अपने नाम के आगे अपने विभाग का नाम लगाएंगे.

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इससे टाटा मोटर्स के 10,000 कर्मचारी पर असर होगा और नए सिस्टम से टीम के सभी मैनेजर्स को ‘हेड’ का दर्जा ही मिलेगा. उनके नाम के बाद उनके डिपार्टमेंट का नाम जोड़ा जायेगा, यानी मैनेजर्स अब एक तरह से टीम हेड माने जाएंगे और सबसे निचले स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के नाम के साथ उनका डिपार्टमेंट का नाम जुड़ा होगा.

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