RBI और सरकार में बढ़ी तनातनी, वित्त मंत्रालय के साथ MPC ने नहीं की बैठक

दिल्ली

अपनी स्वायत्तता पर बल देते हुए 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत समीक्षा से पहले वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करने से सर्वसम्मति से इनकार कर दिया. यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने दी.

बता दें कि एमपीसी में रिजर्व बैंक के गवर्नर, डिप्टी गवर्नर और कार्यकारी निदेशक सहित तीन सदस्य रिजर्व बैंक से होते हैं, जबकि तीन सदस्य भारत सरकार द्वारा मनोनित किए जाते हैं.

आरबीआई गवर्नर ने कहा, बैठक नहीं हुई. सभी एमपीसी सदस्यों ने वित्त मंत्रालय का बैठक संबंधी अनुरोध ठुकरा दिया है. आरबीआई गवर्नर से जब ऐसी बैठक के बारे में पूछा गया, तो उन्होने कहा था कि ऐसी बैठक से आरबीआई की स्वायत्ता से समझौता नहीं होता.

गौरतलब है कि वर्ष 2017-18 की बुधवार को जारी दूसरी द्वैमासिक नीति समीक्षा से पहले वित्त मंत्रालय ने ब्याज दर निर्धारण करने वाली इस समिति के साथ बैठक तय की थी. ब्याज दर घटाने की मांग को लेकर अक्सर आरबीआई और सरकार के बीच मतभेद उभरता रहा है.

सरकार कई बार आरबीआई की नीतिगत समीक्षा से पहले अपनी उम्मीदें सार्वजनिक रूप से जाहिर कर चुकी है. वृद्धि में तेजी लाना सरकार के लिए बड़ी बात है, जबकि आरबीआई मुद्रास्फीति की चिंता के अनुरूप ही कदम उठाता है.

रेपो रेट तय करने और मौद्रिक नीति उपाय तय करने के लिए पिछले साल सितंबर में एमपीसी बनाई गई थी. एमपीसी को मुद्रास्फीति दर 4 प्रतिशत के स्तर पर लाने का काम दिया गया है. आरबीआई रेपो रेट पर बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है.

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