पॉलीटेक्निक कोर्स में दाखिला लेने वालों के लिए खुशखबरी, जरूर पढ़ें

पॉलीटेक्निक कोर्स करने के इच्छुक स्टूडेंट्स अब बेझिझक आवेदन कर सकते हैं, क्योंकि कोर्स से जुड़ा एक नियम बदल दिया गया है।

दरअसल, हरियाणा में अब पालीटेक्निक की पढ़ाई हिंदी में होगी। इसके लिए जहां केंद्रीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग ने खास प्रोजेक्ट तैयार किया है, वहीं केंद्रीय तकनीकी शिक्षा मंत्रालय भी मदद करेगा। जबकि इन पुस्तकों को छापने की जिम्मेवारी हरियाणा ग्रंथ अकादमी की रहेगी।

प्रदेश के विद्यार्थी अंग्रेजी भाषा में कमजोर होने के कारण पालीटेक्निक पाठ्यक्रम में रुचि नहीं लेते थे। अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होने के कारण परिणाम भी अपेक्षा के अनुकूल नहीं आता था। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के अध्यक्ष डॉ. विजयदत्त शर्मा ने बताया कि एक सर्वे के दौरान यह पाया गया है कि बहुत से छात्र माध्यम की वजह से तकनीकी शिक्षा से दूर हो जाते हैं। ऐसे छात्र अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने में कमजोर होते हैं।

हिंदी में तकनीकी शिक्षा उपलब्ध नहीं है, लिहाजा ऐसे छात्र तकनीकी शिक्षा की स्ट्रीम ही बदल लेते हैं। इसको देखते हुए अब केंद्रीय वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग ने यह प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसमें केंद्रीय तकनीकी मंत्रालय भी पूरी मदद करेगा।

इस संबंध में दिल्ली में एक बैठक भी हो चुकी है। हरियाणा में पालीटेक्निक के जिन विषयों को हिंदी माध्यम में शुरू किया जाना है, वे विषय पहले से चल रहे अंग्रेजी माध्यम के ट्रांसलेट बल्कि मौलिक होंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने सेवानिवृत्त राजभाषा अधिकारी डॉ. महेश चंद्र गुप्त को को-ऑर्डिनेटर नियुक्त किया है।

अब टेक्निकल एजुकेशन के लिए विशेषज्ञों का पैनल तैयार किया जाएगा, जो पालीटेक्निक के सभी विषयों की किताबें हिंदी में तैयार करेंगे। विषय तैयार होने के बाद उन्हें प्रकाशित करने की जिम्मेवारी हरियाणा ग्रंथ अकादमी को सौंपी गई है।

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