रिश्वत कांड: इंडस्ट्री फंड का पैसा मर्जी से खर्च करता था तिलक राज

रिश्वत कांड का मुख्य आरोपी तिलक राज की सरकार में इतनी ऊंची पेंठ थी की बड़े फैंसले अपने स्तर पर ही ले लेते थे. बजट डायवर्ट करने की मंजूरी भी सरकार से बाद में ही लेते थे, पहले किसी काम को कर लेते थे.
कई मामलों में तिलक राज सरकार से मंजूरी लिए बिना इंडस्ट्री डवलपमेंट फंड का पैसा अपनी मर्जी से दूसरी जगह खर्च कर लेते थे. बजट डायवर्ट होने के बाद इसकी मंजूरी सरकार से ली जाती थी. हालांकि नियमों के तहत एचआेडी को भी सरकार की मंजूरी किसी फंड को डायवर्ट करने से पहले लेनी होती है.
प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अपने कार्यकाल में दो बार इंवेस्टर मीट का आयोजन किया है. पहली बार यह मुंबई और दूसरे अन्य बड़े राज्यों में आयोजित की गई है. दूसरी बार की इंवेस्टर मीट दिल्ली में आयोजित की गई है. इन दोनों इनवेस्टर मीट को आयोजित करने में तिलक राज का अहम रोल रहा है. इस मीट को आयोजित करने के लिए जो पैसा खर्च हुआ है, वह इंडस्ट्री डवलपमेंट फंड से डायवर्ट किया गया है।
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