नवांशहर में आतंकी साजिश का पर्दाफाश, पंजाब पुलिस ने 3 को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़

पंजाब पुलिस ने नवांशहर से तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है. शनिवार को गिरफ्तार इन आतंकियों के संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ समर्थित बैंक्स में प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आइएसवाइएफ) से है.

आइएसआइ, लखबीर रोडे और हरमीत सिंह उर्फ हैपी उर्फ पीएचडी से प्रशिक्षित इन आतंकियों गुरदियाल सिंह, जगरूप सिंह व सतविंदर सिंह के निशाने पर मुख्य रूप से पंथक विरोधी थे.

पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि गुरदियाल सिंह पुत्र महंगा सिंह रोड माजरा थाना गढ़शंकर जि़ला होशियारपुर का निवासी है, जबकि जगरूप पुत्र अवतार सिंह और सतविंदर पुत्र गुरमेल सिंह चांदपुर रुड़की, थाना पोजेवाल, जि़ला शहीद भगत सिंह नगर के रहने वाले हैं.

इनके पास से एक .32 बोर पिस्तौल, एक मैगज़ीन, कारतूस, एक .38 बोर रिवाल्वर, सात कारतूसों भी बरामद हुए. गुरदियाल और जगरूप को घर से, जबकि सतविंदर को बलाचौर में एक पुलिस चेक पोस्ट से गिरफ्तार किया गया.

गुरदियाल सिंह इस आतंकी गिरोह का सरगना था. जर्मन के बलवीर सिंह संधू ने लखबीर सिंह के साथ उसकी मुलाकात करवाई थी. लखबीर अभी लाहौर के छावनी इलाकों में आइएसआइ द्वारा मुहैया कराए गए एक घर में रह रहा है. गुरदियाल पिछले 6-7 सालों में धार्मिक जत्थों के साथ कई बार पाकिस्तान गया और लखबीर से मिला.

गुरदियाल सिंह पिछले नवंबर में भी पाकिस्तान गया था. पूछताछ में गुरदियाल व जगरूप ने बताया कि 12 से 21 नवंबर तक लाहौर यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात लखबीर और हरमीत से हुई थी. जगरूप ने बताया कि उसकी आंख में पट्टी बांधकर उसे अज्ञात जगह पर ले जाया गया, जहां उसे आइएसआइ ने चार दिन का प्रशिक्षण दिया. यह प्रशिक्षण हथियार चलाने का था. उसे रेलवे ट्रैक की प्लेटों, नट बोल्ट को ढीला करने का भी प्रशिक्षण दिया गया.

पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें भारत में आतंकी हमले करने का जिम्मा सौंपा गया था. साथ ही सिख विरोधी व्यक्तियों को भी निशाना बनाने को कहा गया था. सीमा पार से उन्हें हथियार और धन मुहैया कराने का भी वादा किया गया था. पूछताछ में गुरदियाल ने बताया कि वह जम्मू-कश्मीर के कुछ आतंकी संगठनों के संपर्क में भी था.

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