ढींगरा आयोग की रिपोर्ट पर हरियाणा के CM मनोहर लाल ने दिया बयान

ढींगरा आयोग की रिपोर्ट पर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने बयान दिया है, उन्होंने कहा इस मामले में कानून अपना काम करेगा, और आयोग की रिपोर्ट  के आधार पर होगी कार्रवाई की जाएगी.

जानें पूरा मामला

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटालिटी को अवैध तरीके से गुड़गांव के शिकोहपुर गांव में कॉलोनी बनाने का लाइसेंस दिया गया था. हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक की अनदेखी करते हुए वाड्रा को सीधे लाइसेंस मुहैया कराया था.

एक टीवी चैनल ने जमीन सौदे की जांच के लिए गठित जस्टिस ढींगरा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर इस आशय का दावा किया है. गौरतलब है कि ढींगरा आयोग की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है.

चैनल के दावे के मुताबिक, आयोग की 125 पेज की रिपोर्ट में पेज संख्या 65 में लाइसेंस देने के लिए की गई मनमानी पर आयोग ने सवालिया निशान लगाए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि वाड्रा की कंपनी के पास 3.53 एकड़ जमीन थी. इसमें से 1.35 एकड़ जमीन ही कमर्शियल जोन में आती थी.

कालोनी बनाने के लिए लाइसेंस जारी करने के लिए कमर्शियल जोन में कम से कम 2 एकड़ जमीन होना अनिवार्य है. जरूरी शर्तें पूरी न करने के बावजूद वाड्रा की कंपनी को लाइसेंस दे दिया गया. वह भी तब जब लाइसेंस जारी करने का अधिकार रखने वाले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक ने कंपनी के शर्तें पूरी न करने की बात कही थी. तब तत्कालीन सीएम हुड्डा ने हस्तक्षेप कर वाड्रा की कंपनी को लाइसेंस मुहैया कराया था.

गौरतलब है कि वाड्रा की कंपनी ने लाइसेंस के लिए 10 मार्च 2008 को आवेदन दिया था. बाद में इसी जमीन को डीएलएफ के हाथों बेच दिया गया. रिपोर्ट में शिकोहपुर गांव के सेक्टर 83 में वाड्रा की कंपनी को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए सेक्टर प्लान में तत्काल बदलाव कर 24 मीटर का इंटरनल रोड का प्रावधान कर दिया गया.

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