EVM चैलेंज: NCP और CPM ने लिया हिस्सा, लेकिन हैकिंग में नहीं आजमाया हाथ

दिल्ली

चुनाव आयोग ने शनिवार को बहुचर्चित ईवीएम चैलेंज का आयोजन किया जिसमें केवल सीपीएम और एनसीपी ही पहुंची. ईवीएम हैकिंग चैलेंज में किसी भी पार्टी ने हिस्सा नहीं लिया लेकिन मशीन के तमाम सुरक्षा इंतजामों के विस्तृत जानकारी ली.

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि आयोग चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता स्थापित करने के लिए आगे से सभी चुनावों में VVPAT का इस्तेमाल करेगा.

नसीम जैदी ने EVM पर विश्वास जताते हुए कहा, ‘इसे हैक नहीं किया जा सकता और इसमें छेड़छाड़ भी संभव नहीं है. इसके परिणाम बदले नहीं जा सकते.’ उन्होंने बताया कि चैलेंज में हिस्सा लेने वाली CPM ने संतुष्टि जताई और जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया है.

जैदी ने बताया कि NCP के शक का कारण निकाय चुनावों में प्रयोग की गईं मशीनें थीं. इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि निकाय चुनावों में राज्य चुनाव आयोग की मशीनों का इस्तेमाल हुआ था और वह भारत निर्वाचन आयोग की नहीं थीं.

जैदी ने साफ किया कि यह कार्यक्रम हैकाथॉन नहीं था बल्कि एक चैलेंज था जिसमें किसी की जीत किसी की हार नहीं है. बता दें कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाली दोनों ही पार्टियों ने 4 घंटे बीत जाने के बाद भी हैकिंग में अपना हाथ नहीं आजमाया था.

सीपीएम के प्रतिनिधिमंडल ने मशीन की सुरक्षा से जुड़े तमाम डेमो को ध्यान से देखा, वहीं एनसीपी की टीम ने आयोग की टेक्निकल कमिटी के विशेषज्ञों के साथ सवाल-जवाब भी किया. दोनों ही पार्टियों को चुनाव आयोग की तरफ से 4-4 ईवीएम उपलब्ध कराए गए थे जिनका हालिया यूपी और उत्तराखंड चुनाव में इस्तेमाल हुआ था.

दरअसल, 5 राज्यों में हुए हालिया विधानसभा चुनावों के बाद कई बड़ी विपक्षी पार्टियों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों पर सवाल उठाते हुए उनके साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई थी. बीएसपी, आम आदमी पार्टी समेत तमाम पार्टियों ने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोप लगाते हुए कहा था कि इससे लोगों का विश्वास हिल रहा हा. हालांकि चुनाव आयोग ने बार-बार स्पष्ट किया कि ईवीएम पूरी तरह टैम्परप्रूफ हैं.

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