प्राइवेट स्कूल गैरवाज़िब फीस और छुपे हुए चार्ज नहीं वसूल सकते: जावड़ेकर

चंडीगढ़

केंद्रीय एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि सरकारी स्कूल में शिक्षा में सुधार के लिए एक प्रोग्राम शुरू किया है, जिसका नारा है सबको शिक्षा, अच्छी शिक्षा. साथ ही प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बीएड कॉलेजों से परफॉर्मेंस की रिपोर्ट मांगी गई है और 30 जून तक रिपोर्ट नहीं देने पर मान्यता रद्द होगी.

वहीं, जावड़ेकर ने मुंहमांगी फीस वसूल रहे प्राइवेट स्कूलों को वॉर्निंग दी है. जावड़ेकर ने कहा- प्राइवेट स्कूल गैरवाज़िब फीस और छुपे हुए चार्ज नहीं वसूल सकते. इससे पैरेंट्स को तकलीफ होती है.

मिनिस्टर ने कहा- सीबीएससी ने इस बारे में तमाम स्कूलों से उनके फीस स्ट्रक्चर का डाटा तलब किया है. उन्होंने कहा- हमने स्कूलों से साफ कह दिया है कि उन्हें गैरवाज़िब फीस और छुपे हुए चार्ज वसूलने पर रोक लगानी होगी.

जावड़ेकर ने कहा- हमने सभी स्कूलों से उनके फीस स्ट्रक्चर और बढ़ाई गई फीस की जानकारी मांगी है. कुछ स्कूलों ने इसकी जानकारी भेजी है, और फिलहाल इसकी जांच की जा रही है. जिन स्कूलों ने डाटा सबमिट नहीं किया है, उनको पहले रिमाइंडर भेजा जाएगा और फिर भी जवाब नहीं मिला तो जुर्माना लगाया जाएगा.

हालांकि, जावड़ेकर ने जुर्माना कितना और किस आधार पर लगाया जाएगा, इसकी जानकारी नहीं दी.

इसके बाद, अकाली दल और बीजेपी के एक प्रतिनिधीमंडल ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की. इस दौरान तिनिधिमंडल ने मांग रखी की सरकारी स्कूलों में भी प्राइवेट स्कूलों की तरह नर्सरी और केजी क्लास की तरह बच्चों के एडमिशन जल्दी करवाएं जाएं.

नेताओं ने एक मांग पत्र पर केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा. इसके बाद दलजीत चीमा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को तीन साल की उम्र में ले लिया जाता है, जबकि सरकारी स्कूलों में 6 साल के बच्चों को लिया जाता है.

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