आतंकवाद से लड़ाई में हम भारत के साथ, पाक से करीबी सैन्य संबंध नहीं: पुतिन

सेंट पीटर्सबर्ग

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने कहा है कि भारत के साथ उनके देश का रिश्ता विश्वास पर आधारित है और कई संवेदशील क्षेत्रों में भारत जैसा उसका कोई सहयोगी नहीं है.

भारत को ‘सबसे करीबी दोस्तों’ में से एक बताते हुए पुतिन ने कहा कि पाकिस्तान और अन्य देशों के साथ रूस के बढ़ते संबंधों का इस पर कोई असर नहीं होगा.

द्विपक्षीय बातचीत के पीएम मोदी और ब्लादिमीर पुलिस ने साझा घोषणा पत्र जारी किया. पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों ने 5 बड़े मुद्दों पर संयुक्त हस्ताक्षर किए.

पाकिस्तान के साथ सैन्य संबंधों को लेकर पुतिन ने यहां तक कह दिया कि पाकिस्तान के साथ रूस से करीबी सैन्य संबंध नहीं हैं. हालांकि कश्मीर के मुद्दे पर सीधा जवाब देने के बजाए रूसी राष्ट्रपति ने गोलमोल बातें कीं.

दुनियाभर की न्यूज एजेंसियों के चुनिंदा एडिटर्स के सवालों का जवाब देते हुए पुतिन ने कहा, ‘भारत के अलावा पूरी दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं है जिसके साथ मिसाइल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रूस का इतना ‘गहरा सहयोग’ हो.’

हालांकि पुतिन ने कश्मीर को लेकर पूछे गए सवाल पर कन्नी काटते हुए कहा, ‘पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है या नहीं, यह आप पर है कि आप इसका आकलन करें.’ लेकिन रूसी राष्ट्रपति ने यह जरूर कहा कि जहां से भी आतंकवाद का खतरा आएगा, वह स्वीकार्य नहीं होगा और रूस आतंकवाद से लड़ाई में भारत को पूरा समर्थन करेगा.’

पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा, ‘यह सोचना हास्यास्पद है कि भारत सिर्फ इसलिए अन्य सहयोगी देशों के साथ अपने संबंधों को सीमित कर ले, क्योंकि उसके रूस के साथ विशेष संबंध हैं.’ पुतिन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रूस के गहरे सैन्य संबंध नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों का असर भारत और रूस के बीच होने वाले व्यापार पर नहीं पड़ेगा.’

भारत के साथ अपने मजबूत रक्षा संबंधों का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा, ‘भारत 100 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाला एक बहुत बड़ा देश है. रूस भी बहुत बड़ा देश है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय हितों के कई मुद्दे हैं. भारत के सभी हितों का रूस पूरा सम्मान करता है.’

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