बिहार के आर्ट्स टॉपर को नहीं पता अंतरे और मुखड़े में अंतर

बिहार बोर्ड के इंटरमीडिएट की पिछले साल की आर्ट्स टॉपर रही रूबी राय की ही तरह इस साल का आर्ट्स टॉपर गणेश भी सवालों के घेरे में है। उसकी मेधा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जिस स्‍कूल में उसने पढ़ाई की, वह भी सवालों के घेरे में है। वह रिजल्ट निकलने के बाद तक गायब रहा। गुरुवार को वह कैमरे के सामने आया है। दो दिनों तक उसका कोई भी पता-ठिकाना नहीं मिल रहा था। उसने जिस रामनंदन सिंह जगदीप नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय, चकहबीब, (ताजपुर) समस्तीपुर से पढ़ाई की और फॉर्म भरा, वह विद्यालय बिल्कुल साधनविहीन है। ऐसे स्कूल से स्टेट टॉपर निकलने की बात संदेह पैदा करती है।

जिस स्कूल से गणेश कुमार ने टॉप किया है, उसमें एक भी प्रशिक्षित शिक्षक नहीं है। स्कूल में मात्र छह क्लास रूम हैं। इनमें न तो दरवाजा है और न ही खिड़की। ना ही दीवार पर प्लास्टर है और न ही फर्श बना है। प्रयोगशाला भी नाम के लिए है। लाइब्रेरी में नाममात्र की किताबें हैं। भवन की पक्की छत भी नहीं है। ना ही स्कूल में बिजली है।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस स्कूल के नाम की जानकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी तक को भी नहीं थी। हालांकि, स्कूल प्रबंधन की राजनीतिक गलियारों में पहुंच होने की बात सामने आ रही है। गणेश गिरिडीह से इस साधनविहीन स्कूल में क्यों पढ़ने आया? यह शक पैदा कर रहा है।

दूसरी संदेहास्पद बात यह कि इस स्कूल में म्यूजिक का कोई सामान उपलब्ध नहीं है। लेकिन, टॉपर गणेश ने  म्यूजिक विषय से परीक्षा और  दी और उसे प्रैक्टिकल में 70 में 65 अंक भी मिले। वहीं म्यूजिक के 30 अंक की थ्योरी में उसे 18 अंक मिले हैं। हिंदी में 100 में 92 अंक मिले।

गणेश ने जब परीक्षा का फॉर्म भरा तो उसने विषय में होम साइंस, म्यूजिक, हिंदी, अंग्रेजी, मनोविज्ञान लिखा था। बाद में उसने होम साइंस के बदले सोशल साइंस ले लिया। उसके फॉर्म में दाखिले की भी कोई तिथि नहीं अंकित है। वहीं स्थानीय पता भी नहीं लिखा हुआ है।

इंटर परीक्षार्थी की उम्र अमूमन 17 -18 वर्ष होती है। लेकिन, गणेश की उम्र 24 वर्ष है। विद्यालय परित्याग प्रमाण पत्र में जन्म तिथि 2 जून, 1993 अंकित है। वह जिला मुख्यालय में आवास लेकर 22 किलोमीटर दूर उक्त साधनविहीन स्कूल में रोज पढ़ने आता था।

स्टेट टॉपर की बहन मुक्ता कुमारी को भी पता नहीं कि गणेश फिलहाल कहां है। गणेश के पिता नहीं हैं और मां सिलाई-कढ़ाई का काम करती है। समस्तीपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी बीके ओझा का कहना है कि उक्त संस्थान के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। टॉपर के बारे में सूचना मिली है। इस संस्थान की जांच कराई जाएगी।

Share With:
Rate This Article