कंट्रोवर्शियल इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक को चाहिए मलेशिया की नागरिकता, NIA को तलाश

कंट्रोवर्शियल इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक ने मलेशिया की नागरिकता के लिए अप्लाई किया है। मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक को बढ़ावा देने के आरोपों से घिरा नाइक नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) के रडार पर है। इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया है। पिछले दिनों ईडी की अर्जी पर मुंबई की स्पेशल कोर्ट ने गिरफ्तारी के लिए गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

– नाइक पर आरोप है कि उसने पीस टीवी चैनल के जरिए भड़काऊ स्पीच से दूसरे धर्मों के लिए नफरत फैलाने का काम किया। इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (NGO) के लिए करोड़ रुपए का फंड मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए जुटाया। इससे आतंकियों की मदद की।
– कुछ महीने पहले जांच एजेंसियों ने जाकिर के करीबी आमिर गजदर को अरेस्ट किया था। वह जाकिर से द्वारा शुरू की गईं 6 कंपनियों का डायरेक्टर था। एनआईए की जांच में नाइक से जुड़ी 100 करोड़ की प्रॉपर्टी का पता चला है।
– जाकिर की बहन ने भी जांच एजेंसी से कहा था कि भाई चैरिटिबल ट्रस्ट के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था।

कौन है जाकिर नाइक?
– जाकिर का जन्म मुंबई में 18 अक्टूबर 1965 को हुआ। उसने एमबीबीएस किया है। मुस्लिम धर्मगुरु, राइटर और स्पीकर है।
– इसके अलावा वो इस्लामिक रिसर्च फांउडेशन या आईआरएस का फाउंडर और प्रेसिडेंट है। यही एनजीओ पीस टीवी चलाता था।
– फेसबुक पर नाइक के करीब 1 करोड़ 50 लाख फॉलोअर हैं। नाइक पर यूके, कनाडा, मलेशिया समेत 5 देशों में बैन है।
नाइक ने कहा था- हर मुस्लिम को टेररिस्ट होना चाहिए
– एक स्पीच में नाइक ने ओसामा और तालिबान की जमकर तारीफ की थी। कहा, ”जब एक टेररिस्ट (ओसामा) अमेरिका को डरा सकता है तो मैं भी टेररिस्ट हूं और हर मुस्लिम को टेररिस्ट होना चाहिए। दुनियाभर में फिदायीन हमले कर मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है।”

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