चरस बेचने के मामले में दो लोगों को 10-10 साल की सजा

कुल्लू में न्यायालय ने रस तस्करी के 2 मामलों में 2 लोगों को दोषी करार देते हुए उनके खिलाफ 10-10 वर्ष कठोर कारावास की सजा का फैसला सुनाया है। पहले मामले में विशेष न्यायाधीश (2) जिया लाल आजाद की अदालत ने बुध राम पुत्र सोनम निवासी हाथीथान को चरस तस्करी के मामले में दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने उसे 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले के अनुसार 26 मार्च, 2014 को सब इंस्पैक्टर रमेश पराशर ने सी.आई.डी. यूनिट के अन्य कर्मचारियों के साथ भुंतर-मणिकर्ण मार्ग पर सिऊंड के पास नाके दौरान स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार उक्त व्यक्ति 950 ग्राम चरस बरामद की थी। इसके बाद उसके घर से भी 6.750 किलोग्राम चरस बरामद हुई थी। इस मामले में 11 लोग बतौर गवाह कोर्ट में पेश हुए। उप जिला न्यायवादी पंकज धीमान ने मामले की जानकारी दी है।

दूसरे मामले में विशेष न्यायाधीश प्रेम पाल रांटा की अदालत ने संजीव कुमार पुत्र जगदीश चंद निवासी खलेट (पालमपुर) जिला कांगड़ा को चरस तस्करी के मामले में दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कठोर कारावास व एक लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर दोषी को एक वर्ष कठोर कारावास भुगतना होगा। मामले के अनुसार 9 फरवरी, 2010 को पुलिस दल ने वामतट मार्ग पर मतारना के पास गश्त के दौरान मनाली की ओर से आ रही मारुति कार में सवार उक्त व्यक्ति से 1.700 किलोग्राम चरस बरामद की थी। यह चरस आरोपी ने कार के बोनट में छिपाई हुई थी। इस मामले में कोर्ट में 7 गवाह पेश हुए। मामले की जानकारी जिला न्यायवादी एन.एस. कटोच ने दी है।

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