67 के हुए बॉलीवुड के ‘बाबू भईया’, जानिए उनके बारे में खास बातें

कॉमेडी में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता परेश रावल का आज 67वां जन्मदिन है. अहमदाबाद पूर्व सीट से लोकसभा सांसद परेश रावल हर चीज में माहिर हैं चाहे विलेन का रोल हो या हास्य, या फिर चरित्र अभिनेता सभी रोल में एकदम लाजवाब दिखते हैं.

परेश रावल का जन्म 30 मई 1950 को हुआ. 22 साल में पढ़ाई पूरी करने के बाद परेश मुंबई आ गए और सिविल इंजीनियर के रूप में काम पाने के लिए संघर्ष करने लगे. उन दिनों उनकी एक्टिंग को देख कर कुछ लोगों ने कहा कि वो एक अच्छे एक्टर बन सकते हैं.

उसके बाद परेश रावल ने बॉलीवुड में कदम रखा. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1984 में रिलीज हुई फिल्म ‘होली’ से की थी. इस फिल्म के बाद परेश रावल को ‘हिफाजत’, ‘दुश्मन का दुश्मन’, ‘लोरी’ और ‘भगवान दादा’ जैसी फिल्मों में काम करने का अवसर मिला. लेकिन इनसे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हुआ.

फिर 1986 में परेश रावल को राजेंद्र कुमार की प्रोडक्शन फिल्म ‘नाम’ में काम करने का मौका मिला. संजय दत्त और कुमार गौरव स्टारर इस फिल्म में वह खलनायक की भूमिका में थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और वह खलनायक के रूप में कुछ हद तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुए.

साल 2000 में एक फिल्म आई थी ‘हेराफेरी’ फिल्म बाबुराव को भूलना मुमकिन नहीं है.  बाबूराव का रोल परेश रावल ने किया था जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया था और वह अपने आप दमदार किरदार था.

बाबूराव गणपतराव आप्टे फिल्म में भले ही कैसे भी दिखे हो लेकिन रीयल लाइफ में वे मिस इंडिया के पति हैं. उनकी वाइफ स्वरूप संपत 1979 में फेमिना मिस इंडिया रह चुकी हैं. इनकी मुलाक़ात सत्तर के दशक में थिएटर और प्ले करने के दौरान हुई थी और तभी से ये दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे थे.

परेश रावल वो एक्टर हैं जिन्हें तीन बार फिल्म फेयर अवार्ड मिल चुका हैं. पहला अवार्ड साल 1993 में फिल्म ‘सर’ के लिए दूसरा साल 2000 में ‘हेराफेरी’ के लिए और तीसरा साल 2002 में ‘आवारा पागल दीवाना’ के लिए मिला था.

इन दिनों अरुंधति रॉय पर किए अपने विवादित ट्वीट के अलावा परेश अपने संसदीय क्षेत्र में काम करने में व्यस्त हैं और फ़िलहाल फ़िल्मों से एक ब्रेक पर हैं.

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