टेरर फंडिंग को लेकर NIA ने अलगाववादियों को किया तलब

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दो कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को समन जारी कर सोमवार को दिल्ली बुलाया है। इन नेताओं को जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग के संबंध में समन जारी किया गया है।

तहरीक-ए-हुर्रियत के फारूक अहमद डार उर्फ ‘बिट्टा कराटे’ और जावेद अहमद बाबा उर्फ ‘गाजी’ को अन्य दस्तावेजों सहित कुछ बैंक और संपत्ति के दस्तावेज लेकर एनआईए टीम के समक्ष पेश होने को कहा गया है, जहां उनसे पूछताछ होगी।

बता दें कि मई की शुरुआत में एनआईए की एक टीम ने बिट्टा कराटे और गाजी से श्रीनगर में लगातार चार दिनों तक पूछताछ की थी। एनआईए ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी और जम्मू और नैशनल फ्रंट के अध्यक्ष नईम खान का नाम शुरुआती जांच में दर्ज किया है, जिसके बाद यह पूछताछ हुई। नईम खान को एक स्टिंग ऑपरेशन सामने आने के बाद गिलानी नेतृत्व वाली हुर्रियत ने निलंबित कर दिया है। इसमें नईम कथित रूप से यह स्वीकार कर रहा है कि उसे हवाला के माध्यम से पाकिस्तानी आतंकी समूहों से फंडिंग मिल रही है।

डार उर्फ ‘बिट्टा कराटे’ और बाबा उर्फ ‘गाजी’ का भी नाम प्रारंभिक जांच में है। कश्मीर में आतंकवाद के वित्त पोषण और घाटी में अशांति फैलाने और पथराव करने के लिए हवाला और अन्य माध्यम से फंडिंग लेने, एकत्र करने और उसे दूसरी जगह भेजने में कथित संलिप्तता को लेकर इन दोनों से पूछताछ की जाएगी। कश्मीर में ‘अशांति फैलाने की बड़ी साजिश के तहत घाटी में स्कूलों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने से जुड़े हालिया मामलों में 13 आरोपियों की जानकारी एनआईए ने जुटाई है। कश्मीर में अपने प्रवास के दौरान अपर महानिदेशक के नेतृत्व वाली एनआईए टीम ने स्कूलों को जलाने के संबंध में जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा इकठ्ठा किए साक्ष्यों को भी देखा। स्टिंग ऑपरेशन में नईम ने दावा किया था कि पाकिस्तान द्वारा रचे गए षड़यंत्र के तहत शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। पिछले साल 8 जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घाटी में कई स्कूलों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

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