ई-रिक्शा चालक ने खुले में पेशाब करने से रोका तो बदमाशों ने कर दी हत्या

दिल्ली

महानगरों की तेज रफ्तार सड़कों पर नेक सलाह देना भी आपकी जान पर भारी पड़ सकता है. दिल्ली के एक ई-रिक्शा ड्राइवर ने इसी काम की कीमत जान देकर चुकाई. शनिवार की शाम कुछ बदमाशों ने उसे पीट-पीटकर मार डाला. ड्राइवर का कसूर सिर्फ ये था कि उसने बदमाशों को खुले में पेशाब करने से रोका था.

वहीं, सोमवार को पीड़ित परिवार से केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने मुलाकात की और खुद 50 हजार रुपये का चेक दिया. यही नहीं, नायडू की सिफारिश के बाद नॉर्थ एमसीडी में मृत ई-रिक्शा चालक की पत्नी को नौकरी मिल गई है. इसकी पुष्टि दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने की.

वहीं, दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने भी पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने को कहा है. इसके अलावा केजरीवाल सरकार ने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है.


बता दें कि घटना दिल्ली के जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के बाहर की है. शनिवार की दोपहर करीब 2 बजे रवींद्र नाम का ई-रिक्शा ड्राइवर खाना खा रहा था. तभी 2 लड़के कार से उतरे और खुले में पेशाब करने लगे.

कहा जा रहा है कि दोनों शराब के नशे में धुत्त थे. रवींद्र ने इस हरकत का विरोध किया. उस वक्त तो ये लोग चले गए लेकिन रात को करीब 8 बजे 20-25 साथियों के साथ लौटे और रवींद्र को बेरहमी से पीटने लगे. पीटने के लिए पत्थरों को गमछे में बांधकर हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया. रवींद्र ये मार सह नहीं पाया और उसने दम तोड़ दिया.

वारदात को अंजाम देने के फौरन बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए. जिस जगह इस वारदात को अंजाम दिया गया, वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, लेकिन वो खराब बताए जा रहे हैं. लिहाजा पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान हो सके. पुलिस ने रवींद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मुखर्जी नगर थाने में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है.

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