देशभर में प्री-मानसून बारिशः पूर्वी भारत में तूफान ‘मोरा’ का खतरा

पूर्वी भारत में चक्रवाती तूफान ‘मोरा’ को लेकर चेतावनी जारी कर दी गई है, वहां पर पिछले कुछ घंटों से लगातार तेज हवाओं का दौर चल रहा है. बंगाल की खाड़ी से उठ रही हवाओं के कारण तेज तूफान और बारिश आने का खतरा बरकरार है. मोरा के खतरे को देखते हुए पूर्वी भारत में अगले 48 घंटों में तेज बारिश का अनुमान है, इनमें मिजोरम, त्रिपुरा, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं.

सोमवार की सुबह दिल्ली-एनसीआर में बारिश के साथ शुरू हुई. ऐसा लग रहा है कि 1 जून से तक आने वाले मानसून ने अपना असर पहले से ही दिखाना शुरू कर दिया है. मानसून से पहले की बारिश कई जगह आफत बनकर आई है, तो काफी जगह गर्मी से राहत भी देखने को मिली है. दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर भारत में कई जगह हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है.

मछुआरों को चेतावनी
29-30 मई को भारी बारिश की चेतावनी के कारण समुद्र की ओर जाने वाले मछुआरों को वहां पर ना जाने की चेतावनी दी गई है. इसके अलावा जो भी मछुआरे वहां पर मौजूद हैं, उन्हें जल्द ही वापिस लौटने की सलाह दी गई है.

बिहार में दिखा प्रकोप
बिहार के पूर्वी और पश्चिम चंपारण जिले में रविवार को बारिश के दौरान हुए वज्रपात, आंधी और तूफान की चपेट में आकर 23 लोगों की मौत हो गई.

केरल से पहले पूर्वोत्तर भारत पहुंचेगा मानसून
माना जा रहा है कि इस वेदर सिस्टम की वजह से मानसून केरल से पहले पूर्वोत्तर भारत में दस्तक दे देगा. इन स्थितियों में पूर्वोत्तर भारत में मानसून 29 या 30 तारीख तक दस्तक दे सकता है, जबकि केरल में मानसून इसके बाद पहुंचेगा. मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई को असम और मेघालय में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है. इसके चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है.

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