तेजस एक्सप्रेस के पहले सफर में ही गायब हुए हेडफोन, एलईडी स्क्रीन्स पर भी स्क्रैच

दिल्ली

हाईस्पीट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस को मुंबई से गोवा के लिए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था. अपनी रफ्तार के लिए मशहूर तेजस जब वापस आई तो इससे जुड़ा शर्मनाक मामला भी सामने आया है.

दरअसल यात्रा के दौरान ट्रेन को काफी नुकसान पहुंचाया गया. शीशे तोड़ दिए गए, हेडफोन चुरा लिए गए. यहां तक सीटों के पीछे लगी स्क्रीन्स पर स्क्रेच मारे गए. एक रेलवे अधिकारी ने मामले में जानकारी देते हुए बताया, ‘यात्रा पूरी कर वापस लौटी ट्रेन को जब हमने देखा तो हम हैरान रह गए. ट्रेन को बुरी तरह क्षति पंहुचाई गई.’

बता दें कि बीते सोमवार (22 मई, 2017) को मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से तेजस एक्सप्रेस को हरी झंडी दी गई थी, जबकि करमाली से तेजस दोपहर ढाई बजे रवाना होकर रात 11 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पहुंची.

200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज एक्सप्रेस में आधुनिक जमाने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. ट्रेन में स्वचलित दरवाजें हैं. यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर सीट पर 9 इंच की स्क्रीन लगाई गई हैं. टी-कॉफी वेंडिंग मशीन की सुविधा ट्रेन में दी गई है. ट्रेन में आधुनिक वेक्यूम बायो-टॉयलेट लगाए गए हैं जिनमें टच फ्री पानी की सुविधा है.

रेलवे अधिकारी के अनुसार ट्रेन से करीब 12 हाई क्वालिटी के इयरफोन चोरी किए गए हैं. कुछ सूचना देने वाली स्क्रीन की भी चोरी होने की खबर है. वहीं कुछ स्क्रीन पर काफी स्क्रैच के निशान पाए गए हैं.

उन्होंने आगे बताया कि यात्रियों को हेडफोन देने से पहले बता दिया गया था कि बाद में ये वापस करने हैं लेकिन कुछ यात्रियों ने ऐसा नहीं किया. खबरों के अनुसार जब अधिकारी से हेडफोन की कीमत पूछी गई तो उन्होंने बताय कि वे ज्यादा महंगी नहीं हैं. अधिकारी ने आगे बताया कि ट्रेन की सबसे सस्ती टिकट की कीमत 1185 रुपए हैं, जबकि सबसे महंगी टिकट की कीमत 2740 रुपए है.

दूसरी तरफ ट्रेन में शुरू होने के दूसरे दिन यात्रा कर रहे एक यात्री ने बताया, ‘ट्रेन पूरी तरह से साफ नहीं थी. बाथरूम भी गंदे थे. खाना भी अच्छी मात्रा का नहीं था.’

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