लापता सुखोई-30 का अभी तक कोई सुराग नहीं, चीन बोला- हमें जानकारी नहीं

बीजिंग

चीन ने बुधवार को कहा कि उसके पास भारतीय वायुसेना के लापता सुखोई लड़ाकू विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं है. इसके साथ ही चीन ने भारत को सलाह दते हुए कहा कि वह दो पक्षों के बीच शांति कायम करने के लिए बनी व्यवस्था का पालन करे.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग से लापता सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान के बारे में पूछा गया था, साथ ही यह भी पूछा गया था कि क्या चीन लापता विमान को खेाजने में भारत की मदद करेगा, तो उन्होंने कहा, ‘‘जिस स्थिति का आपने जिक्र किया है, उसके संबंध में मेरे पास फिलहाल कोई जानकारी नहीं है.”

लु ने कहा, ‘‘दक्षिण तिब्बत (अरुणाचल प्रदेश) में स्थिति पर हम करीब से नजर रख रहे हैं.” उन्होंने उन खबरों के संदर्भ में कहा जिनमें बताया गया था कि विमान लापता होने से पहले उसी क्षेत्र में उड़ान भर रहा था.” इसके साथ ही उन्होंने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘सबसे पहले तो चीन, भारत-चीन सीमा के पूर्वी क्षेत्र में अपने रुख पर स्पष्ट रुप से कायम है.”

उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि भारत दोनों पक्षों के बीच सीमांत क्षेत्रों में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए बनी व्यवस्थाओं का पालन करेगा.”

चीन की यह बेहद रूखी प्रतिक्रिया दोनों देशों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर बढ़ रहे मतभेदों के बीच आई है. इसमें से एक मुद्दा तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे का भी है. गौरतलब है कि बीजिंग अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत मानता है.

बता दें कि असम के तेजपुर से लापता हुए भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान सुखोई 30 एमकेआई का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है. इस विमान में 2 पायलट भी सवार थे. विमान से आखिरी बार मंगलवार सुबह 11:30 बजे संपर्क हुआ था. सुखोई-30 ने तेजपुर सलोनीबारी हवाई पट्टी से 23 मई को सुबह 9:30 बजे उड़ान भरी थी.

खबरों के मुताबिक, विमान भारत-चीन सीमा के नजदीक अरुणाचल प्रदेश के डॉलसंग इलाके के पास रडार से गायब हो गया था.

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