रेवाड़ी: खेत में खुदाई के दौरान सामने आया सदियों पुराना खजाना

रेवाड़ी

जिले के एक श्मशान घाट के पास एक खेत की मिट्टी से हांडी में करीब 100 सिक्के मिले हैं. सभी सिक्कों का वजन 14 ग्राम है. इन सिक्कों पर उर्दू व फारसी भाषा में 1152, अहमदशाह बादशाह, महासू 33 तथा 161, टाज सा गाज लिखा हुआ है, इन्हें अहमदशाह अब्दाली के कार्यकाल के सिक्के माना जा रहा है.

कुछ सिक्के चांदी के तो कुछ सोने के बताए जा रहे हैं. मामला सामने आते ही बुधवार को राजस्व विभाग के सचिव और कर्मचारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने इन सिक्कों से संबंधित जानकारी ली और डीसी को इस मामले में अपनी रिपोर्ट भेजी. जानकारी के अनुसार इन सिक्कों पर उर्दू व फारसी भाषा लिखी है.

पटवारी जब इसे पढ़ नहीं पाया तो इसे मौलवी से पढ़वाया गया. पटवारी ने बताया कि गांव वालों से मिली जानकारी के मुताबिक सिक्कों की संख्या 80 से 100 हो सकती है. बताया जा रहा है कि इन सिक्कों की कीमत तो ज्यादा नहीं है, लेकिन ऐतिहासिक व ऑर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट के लिए ये सिक्के अनमोल हैं.

जिस किसान रिछपाल के खेत से ये मिले हैं, वहां बजरी का टीला है, इसलिए किसान खेत को समतल करने के लिए मिट्टी उठवा रहा था. मिट्टी गांव के स्कूल में डाली जा रही थी, इसमें खेलते-खेलते बच्चों को हांडी में सिक्के मिले. इनको बच्चों ने आपस में बांट लिए थे. एक बच्चा बड़ा होने के कारण 40 के करीब सिक्के अपने साथ ले गया.

एक बच्चे ने हांडी के इन सिक्कों को नाली में फेंक दिया था, लेकिन बाद में लोगों को पता चला कि ये तो चांदी के सिक्के हैं, फिर क्या था गांव में यह बात जंगल में आग की तरह फैल गई. बता दें कि सदियों पहले नारनौल-रेवाड़ी रोड दिल्ली से जोधपुर को जाने वाले दगड़ा के नाम से जाना जाता था. सुराणी गांव में सराय होती थी, हो सकता है उस समय किसी ने इसे खेत में दबा दिया हो.

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