भारत को जिस रॉकेट बनाने से US ने रोका था, अब जल्द भेजा जाएगा अंतरिक्ष

1992 में अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इंडियन स्पेस रिसर्च आर् अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ISRO पर प्रतिबंध लगाकर रूस को भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के साथ क्रायोजेनिक इंजन टेक्नोलॉजी को गेनाइजेशन पर प्रतिबंध लगाकर रूस को भारतीय अंतदेने से रोक दिया, ताकि भारत मिसाइल निर्माण न कर सके। लेकिन उसके दो दशक के बाद अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने दुनिया की सबसे महंगी अर्थ इमेजिंग सेटेलाइट के विकास के लिए इसरो के साथ हाथ मिलाया है।

गर्व की बात ये है कि नासा और इसरो इस सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) को 2021 में अंतरक्षित की कक्षा में स्थापित करेंगे, उसी क्रायोजेनिक इंजन वाले रॉकेट की मदद से जिस पर अमेरिका ने कभी प्रतिबंध लगाया था। इसरो और नासा इस वक्त 2200 किलो के NISAR सेटेलाइट को बनाने में व्यस्त हैं। ये सेटेलाइट आधुनिक रडार टेक्नोलॉजी के जरिए धरती का एक डिटेल्ट व्यू दिखाएगा।

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