नूंह में नर्स की मौत मामला, मृतका के परिजनों को आर्थिक मदद का आश्वासन

नूंह

शहीद हसन मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स की मौत के बाद से जारी संघर्ष आखिरकार अब शांत हो गया है. डीसी रेट पर कार्यरत स्टाफ नर्स प्रीमा की डिलिवरी के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद कर्मचारियों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हड़ताल शुरू कर दी थी.

वहीं, अब कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म कर दी है, कर्मचारियों को मानाने के लिए अखिल भारतीय इमाम संगठन के चीफ इमाम उमेर इलयासी को हस्तक्षेप करना पड़ा. उसके बाद इस मसले को सुलझाने में नूंह जिले के डीसी, एसपी और सर्व कर्मचारी संघ ने भी अहम भूमिका निभाई.

समझौते के मुताबिक, मृतका स्टाफ नर्स के परिजनों को सरकार की ओर से 10 लाख की आर्थिक मदद दी जाएगी. उनकी 14 साल की बड़ी बेटी को बालिग होने के बाद सरकारी नौकरी दी जाएगी. बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्च भी सरकार वहन करेगी.

इसके अलावा इस पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम मनोज कुमार की अगुवाई में तीन सदस्य कमेठी का गठन भी किया गया है.

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