पेयजल योजना पर लाखों खर्च, फिर भी पानी को तरस रहे लोग.

‘गाह पपलोआ पेयजल योजना’ पर सरकार की ओर से लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी लोगों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इस कारण ग्रामीणों को छप्पड़ों और तालाब का गंदा पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों की लेटलतीफी के कारण लोग पेयजल को तरस रहे हैं.  लोगों ने बताया कि पंचायत के गांव वैहल, कोट, बुहाड़, हरिजन बस्ती बडीन, गाह व गंडयाणा के लोगों को हैंडपंप का पानी भी नहीं मिल रहा है.  ग्रामीणों को 5 से 8 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है.

लोगों ने बताया कि वे अधिकारियों और कर्मचारियों के चक्कर काट कर थक चुके हैं और अब उन्होंने एस.डी.एम. झंडूता से पूरा मामला साझा किया है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग उनकी पेयजल की शिकायत को अनसुना कर देता है. उधर, इस बारे में आई.पी.एच. विभाग के सहायक अभियंता सुरेश कुमार और कनिष्ठ अभियंता होशियार सिंह ने बताया कि पंचायत में पेयजल किल्लत है, जिसे सुधारने के लिए काम किया जा रहा है.

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