डेढ़ साल में NPA बन जाएगा 2.6 लाख करोड़ का बैंक कर्ज : इंडिया रेटिंग्स

घरेलू रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कहा कि कॉरपोरेट और SME क्षेत्र में बैंकिंग प्रणाली का 7.7 लाख करोड़ रुपये का बिना पहचान और दबाव वाला कर्ज है, यानी इसे अभी NPA की श्रेणी में डाला नहीं गया है.

रेटिंग एजेंसी ने वेबिनार में कहा, भारतीय बैंकों का 7.7 लाख करोड़ रुपये कर्ज दबाव वाला है. इसमें से 2.6 लाख करोड़ रपये का कॉरपोरेट और एसएमई कर्ज वित्त वर्ष 2018-19 तक दबाव वाले कर्ज की श्रेणी में आ सकता है. यह कुल बैंक कर्ज का 3.2 प्रतिशत बैठता है.

रेटिंग एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि कुल दबाव वाला कॉरपोरेट और एसएमई कर्ज कुल बैंक कर्ज का 22 प्रतिशत है. पहचान वाला यानी एनपीए की श्रेणी में डाला जा चुका कॉरपोरेट और एसएमई रिण कुल बैंक कर्ज का 12 प्रतिशत बैठता है.

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