जम्मू कश्मीर: शोपियां में पथराव के बाद सुरक्षाकर्मियों ने तलाशी अभियान बंद किया

श्रीनगर

दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने बुधवार को जिले में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया, लेकिन भीड़ के पथराव और उग्रवादियों या उनके अड्डों का पता लगाने में नाकामी के बाद उन्होंने अभियान वापस ले लिया.

सेना के एक अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान शोपियां के जैनापोरा इलाके के अंतर्गत आने वाले हेफ गांव में शुरू किया गया था. सेना, अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस के 1,000 से भी अधिक सुरक्षाकर्मियों ने आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद गांवों की घेरेबंदी की थी.

अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बल के जवान बड़ी संख्या में इस तलाशी अभियान में शामिल हुए थे. यह अभियान बुधवार तड़के शुरू हुआ था. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि स्थानीय निवासियों की ओर से सुरक्षा बलों पर पथराव किए जाने के चलते अभियान बाधित हुआ.

उन्होंने कहा कि पत्थरबाजों को हटाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी इस इलाके में बुलाए गए हैं. उन्होंने कहा कि पत्थरबाजों और सुरक्षाबलों के बीच हुई झड़पों में फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल कोई उग्रवादी या उनके ठिकाने नहीं ढूंढ पाए. इसलिए अभियान वापस ले लिया गया. इस तलाश अभियान से दो सप्ताह पहले भी आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए एक ऐसा ही, लेकिन ज्यादा बड़े स्तर का तलाशी अभियान शोपियां जिले में चलाया गया था.

चार मई को लगभग दो दर्जन गांवों में पूरे दिन चले तलाश अभियान में सुरक्षा बलों को कुछ नहीं मिला. इस अभियान में 4000 से ज्यादा सैनिक शामिल थे. उस दिन आतंकियों ने अभियान से लौटते सेना के गश्ती दल पर हमला कर दिया. इसमें एक टैक्सी चालक की मौत हो गई और कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए.

दक्षिण कश्मीर में ये तलाशी अभियान दरअसल इसलिए चलाए जा रहे हैं क्योंकि सोशल मीडिया पर आतंकियों के बड़े-बड़े गिरोहों के वीडियो सामने आ रहे हैं. कई दलों में तो आतंकियों की संख्या 30 तक भी है. यह स्थिति तब है, जब अधिकारियों ने ऐसी 22 वेबसाइट और एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ये वीडियो दक्षिण कश्मीर में, खासतौर पर शोपियां जिले में फिल्माए गए हैं.

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