PAN से ‘आधार’ लिंक करना अब हुआ आसान, आयकर विभाग ने शुरू की ई-फैसेलिटी

दिल्ली

आधार को परमानेंट अकाउट नंबर यानी पैन से जोड़ने में दिक्कत हो रही है तो परेशान ना होइए. आयकर विभाग ने दावा किया है कि अब ये काम आसानी से हो सकेगा और इसके लिए सरल तरीका मुहैया करा दिया गया है.

इस वर्ष बजट में आधार को पैन से जोड़ना अनिवार्य किया गया है. इसके लिए 30 जून तक की समय सीमा दी गयी है. ऐसा नहीं किया गया तो कुछ समय बाद आपका पैन अवैध करार कर दिया जाएगा.

सरकार का कहना है कि 10 अंक और अक्षर को मिलाकर बना पैन एक नहीं, बल्कि कई-कई बनवा लिए जाते हैं जबकि 12 अंकों वाला विशिष्ट पहचान आधार एक व्यक्ति के लिए सिर्फ एक ही बन सकता है. आधार को पैन से जोड़ने के बाद वित्तीय गड़बड़ियां करने वालों पर रोक लगाना संभव हो सकेगा.

फिलहाल, आधार को पैन से जोड़ने में कई तरह की दिककतों का सामना करना पड़ रहा है. इसकी एक बड़ी वजह ये है कि पैन और आधार में नाम मेल नहीं खाते. मसलन, यदि किसी व्यक्ति का पैन कार्ड में राम कुमार वर्मा नाम लिखा है और आधार में सिर्फ राम वर्मा तो आधार और पैन को जोड़ने में दिक्कत हो रही है.

फिलहाल, आयकर विभाग के नए तरीके से ये परेशानी नहीं होगी. इस तरीके को अपनाने के लिए आपको सबसे पहले आयकर रिटर्न दाखिल करने की वेबसाइट www.incometaxindiaefiling.gov पर जाना होगा. वेबसाइट के बाएं तरफ लिंक आधार पर जाएं. वहां पर अपना पैन और आधार नंबर के साथ अपना नाम बताएं. ध्यान रहे कि यहां वही नाम लिखना होगा जो आधार में लिखा है.

आधार जारी करने वाली संस्था यूआईडीएआई अपके दावे की पड़ताल करेगी और वहां से पुष्टि होने के बाद आपका पैन और आधार जुड जाएंगे. अगर पैन और आधार में दिए गए नाम में थोड़ा बहुत अंतर है तो आपके आधार के साथ मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी भेजा जाएगा. ओटीपी का जिक्र करने के साथ ही पैन और आधार जुड़ जाएंगे.

अगर पैन और आधार में जन्म की तारीख एक है, साथ ही जेंडर भी एक है तो परेशानी नहीं होने वाली. अगर पैन और आधार में दिए गए नाम पूरी तरह से अलग है तो दोनों नहीं जुड़ पाएंगे और आपको पैन या आधार किसी एक में बदलाव करवाना होगा.

आयकर विभाग ने साफ किया है कि पैन और आधार को जोड़ने के लिए वेबसाइट पर लॉग-इन करने या रजिस्ट्रेशन कराने की जरुरत नहीं और अगर आपने लॉग इन कर लिया तो प्रोफाइल सेटिंग में जाकर आधार लिकिंग की प्रक्रिया चुन ले. वहां आधार नंबर दीजिए और आधार में दिए गए नाम का जिक्र करिए, बस आपका काम हो जाएगा.

आधार को पैन के साथ जोड़ने पर एक फायदा ये भी होगा कि आपको आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद अलग से एक फ़ॉर्म बंग्लूरु भेजने की जरुरत नहीं होगी. आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ जाएगा और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से रिटर्न की पहचान पूरी हो जाएगी.

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