फ्रांस में मैक्रों की जीत से भारतीयों के लिए बढ़ेंगे मौके !

फ्रांस में इमैनुएल मैक्रों ने राइट विंग की लीडर मरीन ली पेन को प्रेसिडेंट बनने से रोक दिया। इसी के साथ फ्रांस के यूरोपीय यूनियन (ईयू) से अलग होने की आशंका खत्म हो गई।

भारत को मिल सकता है फायदा
– मैक्रों के प्रेसिडेंट बनने के बाद भारत-फ्रांस के रक्षा सौदों में तेजी आएगी। मैक्रों ईयू के समर्थक नेता हैं। यह बात भारत के पक्ष में होगी।
– अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में वीजा नियमों में बदलाव भारतीय कामगारों और छात्रों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसके उलट फ्रांस भारत के स्किल्ड वर्करों और स्टूडेंट्स के लिए खुला है।

फ्रांस: मंदी के शिकार इस देश में दिखेंगे आर्थिक सुधार
– फ्रांस में अनइम्प्लाइमेंट रेट 10% से ज्यादा है। मैक्रों ने टेक्नोलॉजी, एनर्जी, जॉब ट्रेनिंग जैसे अहम क्षेत्रों में 3.5 लाख करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट का वादा किया है।
– ऐसे में, संभव है कि मैक्रों आर्थिक सुधार के लिए कड़े फैसले लेंगे। साथ ही, वे बड़े सैन्य बजट के भी पक्षधर हैं।

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