हरियाणा में महंगा हुआ स्टांप शुल्क, पढ़ें कितना देना होगा

हरियाणा में स्टांप शुल्क महंगा हो गया है। अब संपत्ति की खरीद-फरोख्त और अन्य लेनदेन पर आमजन को जेब ढीली करनी होगी। विधानसभा के विशेष सत्र में भारतीय स्टांप हरियाणा संशोधन विधेयक-2017 को पारित किया गया। इसके पारित होने के बाद अब संपत्ति के करार या करार का ज्ञापन हस्ताक्षरित करने पर अब प्रति दस हजार पर एक रुपये का स्टांप शुल्क लगेगा।

अब तक 40 पैसे शुल्क इस राशि पर देय था। माल के संबंध में स्टांप शुल्क की दर अब 25 पैसे की जगह एक रुपया हो गया है। इसी तरह से संपत्ति के अंशों का आवंटन पत्र शपथ पत्र के जरिए करने पर भी बढ़ा हुआ स्टांप शुल्क देना होगा, अभी ये 30 पैसे था।  विधेयक पारित होने के बाद इसकी दर एक रुपये हो गई है।

संपत्ति के क्रय और विक्रय की सूचना हलफनामा के जरिए देने पर अब स्टांप शुल्क 40 पैसे के बजाय एक रुपये लगा करेगा। 20 रुपये से अधिक के किसी भी स्टॉक या बेची गई संपत्ति पर अब तक 30 पैसे शुल्क लग रहा था, अब प्रति 10 हजार रुपये तक इसकी दर एक रुपये हो गई है।

विनिमय पत्र या सरकारी संपत्ति की बिक्री पर भी अब स्टांप शुल्क प्रति दस हजार रुपये पर एक रुपये लगा करेगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने बताया कि स्टांप शुल्क में बढ़ोतरी इसकी दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए की गई है। अभी तक प्रदेश में भारतीय स्टांप अधिनियम 1899 लागू था।

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