नॉर्थ कोरिया के तानाशाह ने किया मिलिट्री साइट का दौरा, साउथ कोरिया की बढ़ी चिंता

सिओल

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने 2010 में दक्षिण कोरिया के एक द्वीप पर गोलाबारी के लिए जिम्मेदार सैन्य इकाई का मुआइना किया. ये वही जगह है, जहां से उत्तर कोरिया मिसाइल हमले करता है. उन के इस दौरे से साऊथ कोरिया पर हमले की आशंका बढ़ गई है.

उत्तर कोरिया ने नवंबर 2010 में यिओनप्योंग द्वीप पर तोपों से धुआंधार 170 गोले दागे थे, जिसमें दो आम नागरिक सहित चार लोगों की मौत हो गई थी. 1950-53 कोरियाई युद्ध के बाद आवासीय इलाके पर उत्तर कोरिया का यह पहला हमला था.

उत्तर कोरिया के हाल में किए कई मिसाइल परीक्षण और उसके छठे परमाणु परीक्षण की संभावना के बीच कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. वहीं, वाशिंगटन ने परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम के चलते उस पर सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है.

‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने कहा कि किम जांग ने जेई और म्यू टापू पर सेना की टुकड़ी को दौरा किया. वहां, उन्हें ‘दुश्मनों की हाल की गतिविधियों’ से उन्हें अवगत कराया गया.

किम ने पर्यवेक्षण चौकी से यिओनप्योंग का अवलोकन किया और ‘‘नव गठित बलों के दुश्मनों पर हमला करने की योजना का निरीक्षण किया.’’ म्यू टापू इकाई यिओनप्योंग पर हमले के लिए जिम्मेदार थी.

किम के हवाले से केसीएनए ने इसे ‘‘सबसे बेहतरीन युद्ध करार दिया.’’ उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के तोपखानों को ‘‘सर्तक रहना चाहिए ताकि आदेश मिलते ही दुश्मन पर वार किया जा सके.’’ केसीएनए ने उनके दौरे की सही तारीख का खुलासा नहीं किया.

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