वीरभद्र कैबिनेट ने लिया फैसला- अब 3 साल में रेगुलर होंगे कर्मचारी, सैलरी भी बढ़ी

शिमला

प्रदेश सरकार ने चुनावी वर्ष में कर्मचारियों को लुभावने के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं. मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री के अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की अधिकतम अनुबंध अवधि तीन वर्ष करने की घोषणा पर मुहर लग गई है.

बजट के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स और सहायिकाओं के मानदेय बढ़ाने के साथ ग्राम पंचायतों के चौकीदारों के लिए ग्रांट इन एड में तीन सौ रुपये वृद्धि की घोषणा को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है.

पंचायत प्रतिनिधियों को मिलने वाले डेली अलाउंस में पचास प्रतिशत की वृद्धि के निर्णय के साथ ही जिला परिषद से लेकर पंचायत प्रधान पदों के लिए सरकार ने निशुल्क हवाई सेवा देने का निर्णय लिया है.

मेडिकल अफसरों (एमओ) को बढ़ी राहत देते हुए एमओ पद पर 1 जनवरी 2018 से नियमित भर्ती होगी. हेडऑक, रोगी कल्याण समिति और अनुबंध पर तैनात मेडिकल अफसरों को 4-9-14 पे स्केल देने का निर्णय भी लिया है.

31 मार्च और 30 सितंबर तक आठ वर्ष की सेवाएं पूरी करने वाले अंशकालिक कामगारों को दैनिक वेतन भोगी में परिवर्तित किया जाएगा. इसके अलावा सरकार ने विभिन्न विभागों में रिक्त पांच सौ से अधिक पदों को भरने का निर्णय लिया है, जिसमें अधिकतम पंचायती राज विभाग में 200 पंचायत सहायकों और वन विभाग में फार्रेस्ट गार्ड के 170 पद शामिल हैं.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के मंत्रिमंडल की मैराथन बैठक में 43 एजेंड़ा प्वाइंट पर निर्णय लिया गया. अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने के लिए 31 मार्च 2017 तक तीन वर्ष की डेडलाइन तय की है. मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल दिवस पर यह घोषणा की थी.

पंचायतों के चौकीदारों को मिलने वाले ग्रांट इन एड 2050 रुपये से बढ़ाकर 2350 रुपये कर दिया है. प्रदेश भर में 3226 चौकीदारों को इसका लाभ मिलेगा. आंगनबाड़ी वर्कर्स का मासिक मानदेय साढ़े चार सौ से बढ़ाकर 1450 रुपये और आंगनबाड़ी सहायिकाओं का 300 रुपये मासिक से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया है.

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