सोहा अली खान की बढ़ीं मुश्किलें, हरियाणा लोकायुक्त ने दिए FIR दर्ज करने के आदेश

चंडीगढ़

नवाब मंसूर अली खान पटौदी की बेटी व फिल्म अभिनेत्री सोहा अली खान के खिलाफ हरियाणा के लोकायुक्त जस्टिस एनके अग्रवाल ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के मामले में एफआइआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

लोकायुक्त के इन आदेशों से सोहा अली खान की मुश्किलें बढ़ गई. सोहा अली खान ने 18 साल एक माह की उम्र में यह शस्त्र लाइसेंस बनवाया था, जबकि उनकी पात्रता 21 साल की उम्र में बनती थी.

सोहा अली खान ने 1996 में गुरुग्राम से यह शस्त्र लाइसेंस बनवाया, जिसका इस्तेमाल उनके पिता नवाब मंसूर अली खान पटौदी समेत 6 लोगों ने झज्जर में काले हिरण का शिकार करने में किया था.

सोहा अली खान द्वारा अवैध ढंग से शस्त्र लाइसेंस बनवाने की शिकायत लोकायुक्त के पास 2016 में आई थी. पीपुल्स फार एनीमल के चेयरमैन नरेश कादियान ने यह शिकायत की थी.

लोकायुक्त के रजिस्ट्रार ने पूरे मामले की जांच और सुनवाई के बाद इसी माह के दूसरे सप्ताह में लोकायुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. 20 अप्रैल को मामले की सुनवाई करते हुए लोकायुक्त जस्टिस एनके अग्रवाल ने गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर, गुरुग्राम के डीसी, झज्जर के एसपी और झज्जर के डीसी समेत पांच लोगों को अपना पक्ष रखने और 24 जुलाई से पहले रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे.

लोकायुक्त के आदेशों में तब सोहा अली खान पर एफआइआर दर्ज करने के निर्देशों की बात नहीं थी, लेकिन 27 अप्रैल को लोकायुक्त के आदेशों की कॉपी जब नरेश कादियान के पास पहुंची तो इसका पर्दाफाश हुआ. रजिस्ट्रार की सिफारिश पर लोकायुक्त ने सोहा अली खान और इस पूरे मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं.

हालांकि वर्ष 2010 में सोहा अली खान के शस्त्र लाइसेंस को गुरुग्राम के पूर्व डीसी और वर्तमान में सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. राकेश गुप्ता निरस्त कर चुके हैं. वहीं एफआइआर दर्ज करने के निर्देश इसलिए दिए गए हैं कि सोहा अली खान का शस्त्र लाइसेंस कम उम्र में कैसे बना दिया गया. शस्त्र लाइसेंस जब्त होने के बाद ही इस मामले का पटाक्षेप हो गया था, लेकिन कादियान के शिकायत करने के बाद मामला फिर उजागर हो गया. सोहा अली खान ने इसी शस्त्र लाइसेंस को उसके पुलिस कस्टडी में होते हुए रिन्यू भी कराया हुआ है.

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