पाकिस्तान: हिंदू मंदिर में तोड़फोड़, देवी-देवताओं की मूर्तियां को भी नुकसान पहुंचाया गया

इस्लामाबाद

पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत में स्थित एक मंदिर में कुछ अज्ञात लोगों ने शुक्रवार को तोड़फोड़ की. पुलिस ने बताया कि देवताओं की मूर्तियां तोड़ दी गईं और पास की एक सीवरेज लाइन में कुछ टूटे हिस्से बरामद हुए.

यह घटना थट्टा जिले के घारो शहर में शाम हुई. घटना के सिलसिले में ईशनिंदा और आतंकवाद का मामला दर्ज किया गया है. एसएसपी फिदा हुसैन मस्तोई ने कहा, ‘‘मामले की जांच चल रही है लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.’’

स्थानीय हिंदू पार्षद ने कहा कि वह बीती रात मंदिर में मौजूद थे और अगले दिन के लिए तैयारी कर रहे थे. सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री के अल्पसंख्यक मामलों के सलाहकार खट्टो मल ने कहा कि हमलावरों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. अल्पसंख्यकों के धर्मिक स्थलों को निशाना बनाने को लेकर मामले पहले भी सामने आ चुके हैं.

पाकिस्तान में हिंदू मंदिर लगातार उपद्रवियों के निशाने पर रहे हैं. इसे लेकर लोगों द्वारा पाकिस्तान सरकार से मंदिरों को संरक्षण देने की मांग भी की जाती रही है. एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में करीब 1400 हिंदू धार्मिक स्थल हैं, जिन्हें सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करने की जरुरत है. पाकिस्तान में हिंदू समेत अन्य अल्पसंख्यकों के साथ ज्यादती के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं. अल्पसंख्यक लोग इसका काफी समय से विरोध करते आए हैं.

पाकिस्तान ने बीते महीने हिंदू मैरेज़ ऐक्ट 2017 पर मुहर लगाकर इसे कानून की शक्ल दी गई थी. यहां रहने वाले हिंदू परिवार इस कानून से कई उम्मीदें हैं. उन्हें उम्मीद है कि इससे पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदुओं को फायदा पहुंचेगा. इस कानून के तहत, अब हिंदू समुदाय के पास अपनी शादी का प्रमाणपत्र बनवाने का अधिकार होगा.

पाकिस्तान में हर साल बड़ी संख्या में हिंदू लड़कियों और महिलाओं का अपहरण होता है और उनका जबरन धर्म परिवर्तन करा दिया जाता है. ऐसा नहीं कि केवल कुआंरी लड़कियों के साथ ही इस तरह की ज्यादतियां होती हैं, बल्कि बड़ी संख्या में शादीशुदा महिलाओं को भी इस तरह के अपराधों का शिकार होना पड़ता है. अल्पसंख्यक अधिकारों और सुरक्षा के मामले में पाकिस्तान की छवि और उसका रिकॉर्ड, दोनों बहुत खराब हैं.

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