अन्नाद्रमुक नेता टीटीवी दिनाकरन गिरफ्तार, चुनाव चिह्न के लिए घूस देने का आरोप

दिल्‍ली

एआईएडीएमके के चुनाव चिन्ह दो पत्ती को पाने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारी को घूस देने की कोशिश करने के आरोप में पार्टी के नेता टीटीवी दिनाकरन गिरफ्तार कर लिए गए हैं. उन्हें दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है. माना जा रहा है कि यह गिरफ्तारी कोर्ट की सख्‍ती की वजह से हुई है. मामले में दिनकारन के अलावा उनके करीबी मल्लिकार्जुन को भी गिरफ्तार किया गया है.

क्राइम ब्रांच ने दिनाकरन के निजी सचिव जनार्दन को सरकारी गवाह बना लिया है. कड़ी सुरक्षा घेरे में क्राइम ब्रांच के चाणक्यपुरी स्थित इंटर एस्टेट सेल में दिनाकरन, सुकेश व मल्लिकार्जुन से पिछले चार दिनों से पूछताछ की जा रही थी. मंगलवार को तीस हजारी की विशेष अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार सुकेश चंद्रशेखर की पुलिस कस्टडी को तीन दिनों के लिए बढ़ा दिया था.

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा लगातार तीन दिन से दिनाकरन से पूछताछ कर रही थी, जिसके बाद उन्‍होंने यह माना था कि वह सुकेश चंद्रशेखर से मिले थे. चंद्रशेखर वहीं शख्‍स है जो दिनाकरण और भारतीय निर्वाचन आयोग के बीच घूस की डीलिंग में मिडिलमैन का काम कर रहा था.

दिल्ली पुलिस ने दिनाकरन के खिलाफ 17 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की थी. शशिकला गुट ने आरके नगर असेंबली सीट पर उपचुननाव के लिए दो पत्‍ती चुनाव चिन्‍ह मांगा था. पन्नीरसेल्वम गुट ने भी इसके लिए दावा किया था. इसलिए चुनाव आयोग ने इसे जब्त कर लिया था.

दिल्‍ली पुलिस के एक उच्‍च अधिकारी के मुताबिक बिचौलिए सुकेश ने इसके लिए पचास करोड़ रुपए की डील की थी. उसके पास से पुलिस को 1.30 करोड़ रुपए के साथ-साथ दो कार भी बरामद की गई थीं. बिचौलिए को रविवार को दिल्ली के एक फाइव स्टार होटल से गिरफ्तार किया गया था.

यह मामला उस वक्त शुरू हुआ जब तमिलनाडु में एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान एआइएडीएमके के दो गुटों के बीच विवाद होने के कारण चुनाव आयोग ने पार्टी चिन्ह को ही जब्त कर लिया. दिल्ली पुलिस का कहना है कि चुनाव से पूर्व ही दिनाकरन किसी भी कीमत पर चिन्ह को अपने पक्ष में प्राप्त करना चाहते थे, जिसके चलते उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों से संपर्क साधने के लिए सुकेश का सहारा लिया.

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