महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी से की मुलाकात, बोलीं- 3 महीने के अंदर सुधारेंगे हालात

दिल्ली

जम्मू-कश्मीर में जारी हिंसा और BJP-PDP के रिश्तों में आई तल्खी के बीच सूबे की सीएम महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. करीब आधे घंटे तक चली इस मीटिंग में कश्मीर में पत्थरबाजी की बढ़ती घटनाओं के साथ ही राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन को बचाने पर भी बातचीत हुई. मोदी के बाद मुफ्ती ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की. उन्होंने इस मुलाकात के बाद दो-तीन महीने में घाटी के हालात बदलने का भरोसा दिलाया.

पीएम के साथ बैठक के बाद मुफ्ती ने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए बताया कि कश्मीर में अचानक बढ़े पथराव की घटनाओं, उपचुनाव में कम मतदान और हिंसा पर पीएम से बातचीत हुई. इसके अलावा, पार्टियों के गठबंधन के अजेंडे, सिंधु जल समझौते की वजह से राज्य सरकार को होने वाले नुकसान पर भी चर्चा हुई.

मुफ्ती ने कहा कि घाटी में हालात सामान्य करने के लिए एक माहौल पैदा करना होगा. पथराव के जवाब में गोली से हालात सुधरने वाले नहीं हैं. मुफ्ती ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए घाटी के हालात सुधारे जा सकते हैं. बीजेपी और पीडीपी के बीच मतभेद के सवालों पर महबूबा ने कहा कि इसे बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कश्मीर में गवर्नर रूल पर फैसला केंद्र को करना है.

महबूबा ने कहा कि मोदी बार-बार पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के रास्ते पर चलने की बात कह चुके हैं. सीएम के मुताबिक, वाजपेयी की पॉलिसी बातचीत थी, टकराव नहीं. बातचीत के जरिए मामले सुलझाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में पहले वाजपेयी साहब के टाइम में बात हुई थी. एलके आडवाणी डेप्युटी पीएम थे. हुर्रियत के साथ बात हुई है. दूसरों से भी बात हुई है.’

इससे पहले, पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को सुझाव दिया था कि दूसरे राज्यों को जम्मू-कश्मीर में कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए. इसके अलावा, दूसरे राज्यों को घाटी के युवाओं को अपने यहां एजुकेशन के लिए आने का न्योता देना चाहिए.

नीति आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर की सीएम के उस सुझाव पर हामी भरी, जिसमें सभी राज्यों से जम्मू-कश्मीर के स्टूडेंट्स में दिलचस्पी लेने की बात कही गई थी.

बता दें कि यूपी और राजस्थान में हाल में कश्मीरी स्टूडेंट्स के साथ मारपीट करने के मामले सामने आए थे. माना जा रहा था कि कश्मीर में सुरक्षाबलों पर होने वाले पथराव की प्रतिक्रिया में इन घटनाओं को अंजाम दिया गया.

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